टीवी की दुनिया की फेमस एक्ट्रेस अदा खान अक्सर किसी ना किसी शो का हिस्सा रहती हैं. वो हाल ही में हसरतें में दिखाई दीं. उन्होंने टिंसेल टाउन की हकीकत पर बात की. अक्सर जैसे स्टार्स बताते हैं कि उन्हें किसी खास वजह से शो से निकाल दिया जाता है, कभी धार्मिक भेदभाव या कभी किसी और चीज का हवाला देकर. वहीं अदा ने बताया कि क्या कभी उनके साथ ऐसा हुआ है. एक्ट्रेस ने बिना किसी झिझक के सीधा जवाब दिया.
धर्म बना दीवार?
अदा ने बताया कि धर्म को वजह बताते हुए उनके साथ कभी ऐसा नहीं हुआ कि उन्हें किसी प्रोजेक्ट से निकाल दिया गया हो. या उनके साथ भेदभाव किया गया हो.
टेली मसाला से बातचीत में अदा ने कहा- ऐसा कभी नहीं हुआ है. जब मैंने अमृत मंथन किया था, तो मुझे कहा गया था कि इसमें पंजाब की सिख महिला का किरदार होगा. तो मेकर्स ने मुझे इक ओंकार याद करने को कहा था. एक सीन था जहां पर मैं यानी अमृत गा रही है इक ओंकार, तो मुझसे ही गाने को कहा गया था. किसी और की आवाज नहीं थी. मैंने खुद उसे अपनी आवाज में गाया, याद किया था पूरा. वो बहुत अच्छी फीलिंग थी. उन्होंने मुझे गुरुद्वारे जाकर वहां क्या कैसे होता है, महसूस करने को कहा था. तो मैं अपनी मां के साथ गई थी.
'मैं पहली बार गई थी, बहुत सुकून मिला था. मैंने उस पूरे प्रोसेस को समझा था. वैसे ही नागिन शो के लिए भी हम महादेव की आराधना करते थे. शिव तांडव करते थे. वो बहुत सुंदर है. मैं मानती हूं सबसे बड़ा धर्म इंसानियत होता है. एक अच्छा इंसान बनने की जरूरत है. हर धर्म आपको यही सिखाता है. तो ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी धर्म का हवाला देकर मुझे कास्ट नहीं किया गया हो. या फिर किसी शो में लिया भी गया हो.'
अदा नागिन के कई सीजन्स का हिस्सा रही हैं. उन्हें शेषा के किरदार के लिए जाना जाता है. उन्होंने 'अमृत मंथन' के अलावा 'बहनें' और 'विष या अमृत: सितारा' जैसे टीवी शो में भी काम किया है. वो 2020 में 'खतरों के खिलाड़ी 10' की प्रतियोगी रही हैं. अदा ने 'पालमपुर एक्सप्रेस' शो से टेलीविजन में शुरुआत की थी.