बॉलीवुड स्टार सलमान खान की नई फिल्म 'जय हो' रिलीज होने के चार दिन बाद भी महज 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर पाई. वो भी तक जब भारत समेत दुनिया भर की कमाई जोड़ी गई. सलमान के फैंस की तादाद को देखते हुए आलोचक इस फिल्म को हिट नहीं मान नहीं रहे. क्योंकि 100 करोड़ी क्लब क्लब का कॉन्सेप्ट पूरी तरह फिल्मों की भारत में कमाई पर आधारित है. हालांकि, सलमान का दावा है कि फिल्म खूब पसंद की जा रही है. गौर करने वाली बात है कि सलमान बॉलीवुड की 100 करोड़ी क्लब के संस्थापक और प्रेसिडेंट हैं. सलमान कहते हैं कि वो बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों और दर्शकों की प्रतिक्रिया के बीच सामंजस्य नहीं दिखने से कन्फ्यूज्ड हैं. सलमान ने अपनी फिल्म की नाकामयाबी के लिए सिर्फ खुद को जिम्मेदार ठहराया है. सवाल उठने लगे हैं कि क्या सलमान खान का फॉर्मूला फेल हो गया है.
सलमान में कुछ बदलाव आए हैं. इससे पहले सल्लू मियां ने कभी सामाजिक-राजनीतिक बयान जारी नहीं किया. सलमान ने जिस तरह 'जय हो' का प्रमोशन किया, उस तरह पहले कभी अपनी फिल्मों को प्रमोट नहीं किया था. सलमान गुजरात गए और बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी के साथ पतंग उड़ाई. इस मौके पर मीडिया से बातचीत में सलमान ने राजनीतिक बयान दिया.
बॉक्स ऑफिस इंडिया के एडिटर वजीर सिंह कहते हैं कि सलमान का 'जय हो' से गहरा लगाव तब हुआ जब उन्होंने डेढ़ साल पहले 'Pay It Forward' का तेलुगु वर्जन 'स्टैलिन' देखी.
सलमान के पिता और स्क्रिप्टराइटर सलीम खान कहते हैं, 'यह ऐसा नहीं है कि एक सेब सलमान के सिर पर गिर गया और उसके दिमाग में आइडिया आ गया.' सलीम खान के मुताबिक जय अग्निहोत्री का किरदार सलमान की पर्सनैलिटी से मिलता है. सलीम खान उदार दिल वाले सलमान से जुड़े किस्से बताते हैं कि उनका बेटा किस तरह वर्षों से लोगों की मदद कर रहा है. सलमान ऐसे लोगों के हॉस्पिटल के बिल भरते हैं जो महंगी सर्जरी का खर्च नहीं उठा सकते. सलमान उन एनजीओ की लिस्ट के आधार पर यह मदद करते हैं जो एनजीओ इन गरीब लोगों के इलाज का खर्च नहीं उठा सकते. सलीम खान कहते हैं, 'सलमान सोचते हैं कि किसी को मदद करने से जो खुशी मिलती है, उसे हर कोई महसूस नहीं कर सकता और वह इसे बांटना चाहते हैं.'