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ईद पर चाचा को घर बुलाने के लिए शख्स ने मांगी मदद, सोनू बोले- चिंता मत कर

सोनू सूद लॉकडाउन के दौरान हर रोज सैंकड़ों प्रवासी मजदूरों को फ्री में उनके घर पर पहुंचाने का काम कर रहे थे. यही वजह है कि कई लोगो उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर मैसेजेस भेज रहे हैं और उनसे मदद मांग रहे हैं.

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सोनू सूद
सोनू सूद

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने प्रवासी मजदूरों को अपने-अपने राज्यों में भेजकर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी थीं. सोनू सूद लॉकडाउन के दौरान हर रोज सैंकड़ों प्रवासी मजदूरों को फ्री में उनके घर पर पहुंचाने का काम कर रहे थे. यही वजह है कि कई लोगो उन्हें लगातार सोशल मीडिया पर हजारों मैसेजेस भेज रहे हैं और उनसे मदद मांग रहे हैं. सोनू भी लगातार लोगों की सहायता कर रहे हैं.

ऐसे ही एक शख्स ने सोनू से रिक्वेस्ट की और ट्वीट करते हुए कहा कि सर, मेरे चाचू जी केरल में काम करने गए थे और अब उन्हें घर आना है, चार आदमी है. प्लीज सर हेल्प करें, नहीं तो इस ईद में वो नहीं आ पाएंगे. प्लीज सर. सोनू ने इस शख्स का ट्वीट रिट्वीट करते हुए लिखा, चिंता मत कर मेरे भाई. ईद आप अपने चाचू जी के साथ ही मनायेंगे. उन्हें बोलना आपकी ईदी लेते आएं.

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लॉकडाउन में कई लोगों का मसीहा साबित हुए सोनू सूद

बता दें कि सोनू ने मुंबई में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों में पहुंचाने के लिए एक अभियान शुरू किया था. सोनू और उनकी टीम ने इस संबंध में टोल फ्री नंबर और वॉट्सएप नंबर भी जारी किया था. मार्च में नेशनल लॉकडाउन की वजह से फंसे लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए सोनू ने खाना, बस, ट्रेन के साथ ही एयरप्लेन की भी व्यवस्था की थी. लॉकडाउन के बीच हजारों माइग्रेंट वर्कर्स की मदद के चुनौतीपूर्ण अनुभवों को सोनू सूद किताब की शक्ल देने जा रहे हैं. ये किताब इस साल के अंत तक प्रकाशित होगी.

गौरतलब है कि सोनू ने इससे पहले मुंबई के जुहू स्थ‍ित होटल के दरवाजे भी मेड‍िकल वर्कर्स के लिए खोले थे. इसके पहले जब देश में लॉकडाउन लगा तो उन्होंने अपने पिता शक्ति सागर सूद के नाम पर एक स्कीम लॉन्च की थी जिसके तहत वो रोज 45 हजार लोगों को हर रोज खाना खिला रहे थे. वे मुंबई पुलिस के लिए भी मास्क का इंतजाम कर चुके हैं. अपने इन कार्यों के चलते कई फैंस ने सोशल मीडिया पर ये भी कहा था कि आपदा की इस घड़ी में सोनू सूद ने जिस तरह का काम किया है, उन्हें भारत रत्न से नवाजा जाना चाहिए.

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