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सलमान और ऐश्वर्या राय जैसी कैमिस्ट्री रणवीर सिंह के साथ: संजय लीला भंसाली

डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने इस साल 'बाजीराव मस्तानी' बनाकर अपना ड्रीम प्रोजेक्ट पूरा कर लिया. इसी सपने के साकार होने पर भंसाली के साथ एक छोटी सी मुलाकात की कुछ खास बातें...

संजय लीला भंसाली, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण संजय लीला भंसाली, रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण

'बाजीराव मस्तानी', साल के आखिर में एक ऐसी फिल्म आई जिसने सबके दिलों में छाप छोड़ दी, क्रिटिक्स और दर्शकों को फिल्म ने काफी लुभाया है और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है. फिल्म की इस कामयाबी के चलते फिल्म के डायरेक्टर संजय लीला भंसाली से बातचीत के जरिए इस फिल्म को लेकर उनके भीतर चल रहे उत्साह को नापने की कोशिश की है. आइए जानते हैं इस फिल्म के बारे में उन्होनें क्या कहा है:

फिल्म के बेहतरीन प्रदर्शन पर क्या कहना चाहेंगे आप?
बहुत खुशी है, खालीपन है, क्योंकि बहुत प्यार से फिल्म बनाई है, लेकिन अब कुछ करने को नहीं है क्योंकि फिल्म रिलीज हो गई है. हर एक इंसान सराह रहा है. इतना प्यार मुझे किसी फिल्म के लिए नहीं मिला. 12 साल की मेहनत लोगों के दिल तक पहुंची, अच्छा लगा.

कहा जाता है की आप हर एक किरदार को तराश देते हैं?
कोई भी तारीफ हो, अच्छी लगती है, मैं अपने किरदारों और उन्हें निभाने वालों को बहुत प्यार करता हूं, फिल्म की हर बारीकी पर ध्यान देता हूं. चाहे वो एक धागा ही क्यों ना हो.

17 दिसंबर की रात को दिमाग में क्या चल रहा था?
(हंसते हुए)17 को जहन में कुछ नहीं था, दिमाग बंद हो चुका था, हाथ पैर कांप रहे थे, मैं माथा टेकने पुष्कर चल गया था, वहां से अजमेर शरीफ की दरगाह भी गया.17 को चुपचाप घर में बैठा, गिने चुने दोस्तों को फिल्म दिखाई बस, 18 दिसंबर को मैं सो गया था, लगभग 14 घंटे की नींद पूरी की. उठकर मैसेज देखा तो खुशी हुई, फ्राइडे हर फिल्ममेकर की जिंदगी में खास अहमियत रखता है. जिंदगी बदल देता है. सावरिया के दौरान वाला फ्राइडे बहुत ही खतरनाक साबित हुआ था, ये फ्राइडे अलग था. ये उतार चढ़ाव बहुत जरूरी हैं.

बॉक्स ऑफिस पर 'बाजीराव' की 'दिलवाले' के साथ एक लड़ाई भी थी जिसे आंकड़ों के आधार पर बाजीराव ने जीता है?
मैं एक बात कहना चाहूंगा कि‍ फिल्म की घोषणा के साथ-साथ हमने रिलीज डेट भी बताई थी, इरोस बहुत क्लियर था कि‍ हमको उसी डेट पर आना है, 6 महीने बाद शाहरुख ने अपनी फिल्म की रिलीज डेट घोषित की, हमने उनसे एक रिक्वेस्ट भी की कि‍ आप डेट शिफ्ट कर दो, क्योंकि हमको नुकसान होगा, आप तो बड़े सुपरस्टार हो. लेकिन उनकी और इरोस की बात नहीं बन पाई, फिर भी दो अलग फिल्में थी, अलग दर्शक भी थे, लेकिन साथ में रिलीज होने पर नुकसान तो दोनों को हुआ. जिससे ओपनिंग पर फर्क तो पड़ा ही. जो सावरिया के वक्त हुआ था, लेकिन इस बार उससे बिल्कुल अपोजिट हुआ, मैं बेहद खुश हूं.

आपने 'दिलवाले' देखी?
नहीं अभी तक देखी नहीं है, जब देखूंगा तो समझ आएगी कैसी बनी है, क्या है. जनवरी में जाकर देखूंगा, अभी मैं अपनी फिल्म के नशे में हूं. इस किस्म की खुशी हमेशा नहीं आती. फिल्म बनाते वक्त मैं किसी की फिल्म नहीं देखता क्योंकि किसी ने अगर अच्छी फिल्म बना दी तो मुझे जलन हो जाती है, ज्यादा चली तो मुझे जलन होती है, इसलिए मैं किसी और की फिल्म देखता ही नहीं. मैं अपनी फिल्म देखता हूं और अपने गाने सुनता हूं.

रणवीर सिंह को सबसे बड़ा कॉम्पलिमेंट आपका लगा, आप को किसने बेस्ट कॉम्पलिमेंट दिया?
एक कमेंट आया कि‍ हमें 55 साल राह देखनी पड़ी दूसरी 'मुगल ए आजम' देखने के लिए. उस फिल्म की मैं पूजा करता हूं. उसके डायरेक्टर के.आसिफ साहब मतलब 'गॉड'. कहीं ना कहीं लोगों को मेरी फिल्म में वो झलक देखने को मिली. मेरे पिताजी बचपन में मुझे बार बार 'मुगल ए आजम' दिखाने ले जाते थे, कहीं ना कहीं उनके जहन में था कि‍ ये भी बड़ा होकर ऐसी फिल्म बनाए. तो आज मैं बहुत खुश होता हूं.

रणवीर ने कहा की अगर आप उन्हें लेकर फिल्म नहीं बनाएंगे तो दिल टूट जाएगा.
(हंसते हुए )तो क्या करेगा वो? नहीं मुझे रणवीर से बहुत लगाव है, कमाल का एक्टर है, मेरे काम से बहुत प्यार करता है. वो बहुत ही स्पेशल है. मैं उसके टैलेंट को रेस्पेक्ट और फ्रीडम देता हूं. मेरी जिंदगी में उसके प्ले किये गए 'राम लीला' और 'बाजीराव' के किरदार काफी खास हैं. रणवीर के साथ मुझे वही कैमेस्ट्री दिखती है जो एक जमाने में सलमान या ऐश्वर्या के साथ मेरी हुआ करती थी.

आपने रणवीर से गुजराती और मराठी लहजे में तो काम करवा दिया, अब अगली भाषा कौन सी होने वाली है?
(हंसते हुए) नहीं मालूम मुझे अभी, अभी बहुत जल्दी है. जल्दबाजी में गलत हो जाता है, लेकिन अब कुछ खास ही करना पड़ेगा.

दर्शकों ने कहा की संजय लीला भंसाली वो फिल्म कब बनाएंगे जब आखिर में रणवीर और दीपिका जीवित रहेंगे?
(जोर से हंसते हुए) वो जरूरी है, थोड़ा सैड एंडिंग की तरफ मेरा झुकाव रहता है, लव स्टोरी का अधूरापन मुझे काफी प्रेरणाप्रद लगता है. मैं हैप्पी एंडिंग वाली फिल्म भी बनाऊंगा, वक्त आने पर जरूर बनाऊंगा.

फिल्म को एडिट भी किया गया है, क्या बिना एडिट वाली पूरी फिल्म डीवीडी में आएगी?
नहीं, मैंने बहुत कम चीजें काटी हैं, पीरियड फिल्में वैसे भी बड़ी रहती हैं. अभी जो फिल्म बनी है, वो करेक्ट है.

कौन सा किरदार आपके दिल के करीब है?
वैसे तो सारे किरदार काफी अहम हैं, लेकिन मेरी सबसे फेवरिट 'मस्तानी' है, मस्तानी का किरदार कई सारी बातों को दर्शाता है, जैसे मधुबाला जी, वहीदा रहमान जी का किरदार हुआ करता था, वैसे ही दीपिका ने किरदार निभाया है. उसने स्मिता पाटिल, रेखा जी जैसा प्यार दर्शकों से भी पाया है. जिंदगी भर मस्तानी का किरदार मेरे जहन में जीवित रहेगा.

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