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कैसा था सुशांत संग काम करने का एक्सपीरियंस? दिल बेचारा एक्टर साहिल वैद ने बताया

फिल्म में सुशांत सिंह के दोस्त जेपी यानी जगदीश पांडे का किरदार निभाने वाले एक्टर साहिल वैद का भी मजेदार रोल है. आजतक के साथ बात करते हुए साहिल वैद ने जहां एक तरफ फिल्म में अपने किरदार पर बात की तो वहीं दूसरी तरफ उन्होंने सुशांत सिंह के साथ काम करने के अपने अनुभव को भी हमसे शेयर किया.

साहिल वैद-सुशांत सिंह राजपूत साहिल वैद-सुशांत सिंह राजपूत

सुशांत सिंह राजपूत की मच अवेटेड फिल्म ‘दिल बेचारा’ कल यानी 24 जुलाई को डिज्नी हॉटस्टार पर रिलीज हो चुकी है. जैसा कि उम्मीद लगाई जा रही थी कि इस फिल्म के रिलीज होते ही दुनिया भर में सुशांत के फैन्स इसे देखने के लिए उमड़ पड़ेंगे, ठीक वैसा ही इस फिल्म के साथ हो भी रहा है. लेकिन खास बात ये है कि सिर्फ सुशांत के फैन्स ही नहीं बल्कि फिल्म और टीवी स्टार्स भी सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म को लेकर काफी एक्साइटेड हैं. इसलिए सोशल मीडिया पर हर कोई सिर्फ फिल्म ‘दिल बेचारा’ के बारे में बारे में ही बात कर रहा है.

फिल्म में सुशांत सिंह के दोस्त जेपी यानी जगदीश पांडे का किरदार निभाने वाले एक्टर साहिल वैद का भी मजेदार रोल है. आजतक के साथ बात करते हुए साहिल वैद ने जहां एक तरफ फिल्म में अपने किरदार के ऊपर बात की तो वहीं दूसरी तरफ उन्होंने सुशांत सिंह के साथ काम करने के अपने अनुभव को भी हमसे शेयर किया.

सुशांत को सेलिब्रेट करने का जरिए का दिल बेचारा

साहिल कहते हैं, ''जब एक फिल्म बनती है तो करीब 3 से 4 हजार लोग उनमें काम करने के लिए जुड़ते हैं और जब वो फिल्म रिलीज होती है तो उन सभी लोगों के लिए काफी खुशी का पल होता है, तो आज मैं उन सभी 4 हजार लोगों की तरफ से बोल रहा हूं कि ये फिल्म सुशांत के लिए हमारा ट्रिब्यूट है.’’

साहिल ने आगे बताया, ''देश में जिस तरह के हालात चल रहे हैं, कोरोना के चलते पूरे देश में अभी भी लॉकडाउन लगा हुआ है, हम लोग महामारी से लड़ रहे हैं इस तरह के माहौल में सुशांत सिंह राजपूत को श्रद्धांजलि देने का इससे बेहतर और कोई तरीका नहीं हो सकता है. और मैं तो कहूंगा कि श्रद्धांजलि बोलने से ज्यादा बेहतर ये होगा कि इसे सुशांत को हमेशा के लिए याद रखने का जरिया कहा जाए. ये फिल्म उनकी लास्ट फिल्म थी क्योंकि इस फिल्म के बाद सुशांत किसी और फिल्म में नजर नहीं आएंगे और मुझे ये कहते हुए भी दिल में एक भारीपन सा महसूस हो रहा है.

लेकिन जितने लोग उनसे प्यार करते हैं, उनके जितने फैन्स हैं जितना लोगों ने उन्हें प्यार दिया और हमारी फिल्म के ट्रेलर को दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले ट्रेलर्स में शामिल कर दिया, ऐसे लोग शायद ट्रिब्यूट जैसे शब्द पसंद ना करें. ऐसे लोग शायद सेलिब्रेट जैसे शब्द सुशांत के लिए ज्यादा पसंद करें. वो सुशांत की लाइफ को, उनके सक्सेस को, उनकी जर्नी को, उनकी इस आखिरी फिल्म के जरिए सेलिब्रेट कर सकें क्योंकि सुशांत एक विनर थे और जो विनर होता है वो हमेशा विनर ही रहता है इसलिए उनकी सक्सेस को तो सेलिब्रेट ही करना चाहिए.’’

साहिल ने सुशांत के साथ अपने काम के अनुभव को हमसे शेयर करते हुए बताया- जब मैंने और सुशांत ने साथ में काम करना शुरु किया तो पहले तो हम लोग आपस में ज्यादा बातचीत नहीं करते थे, लेकिन फिर धीरे-धीरे साथ में काम करते हुए जब हम दोनों एक दूसरे को जानने लगे तो हम काफी अच्छे दोस्त बन गए थे. हम दोनों लगभग एक ही उम्र के थे और वो बस मुझसे 6 महीने बड़े थे इसलिए वो मजाक में मुझसे ये कहते भी थे कि देख मैं तुझसे बड़ा हूं इसलिए मेरी बात मान. हालांकि मैं ये नहीं कहता कि मैं उनका बड़ा गहरा दोस्त बन गया था लेकिन इतना जरुर कह सकता हूं कि उनकी और मेरी दोस्ती बड़ी खास थी.

मेरे और सुशांत के बीच में क्रिकेट, खाना और टेलिस्कोप इन तीनों मुद्दों पर ही ज्यादातर बातें होती थीं. इन सबके बाद अगर कोई बात हमारे बीच होती थी तो वो मोटरबाइक और कारों की बात होती थी तो मुझे नहीं लगता है कि सुशांत को समझना बहुत मुश्किल था बल्कि मैं तो कहूंगा कि उसे समझना बहुत आसान था. जिस तरह से वो काम करते थे ऐसा लगता ही नहीं था कि वो एक्टिंग कर रहे हैं बल्कि ऐसा लगता था कि सब नेचुरल हो रहा है. मैंने सुशांत से काफी कुछ सीखा है जो मैं कभी नहीं भूलूंगा और आज अगर वो होते तो हम लोग जरूर साथ में बैठकर फिल्म देखते.

साहिल वैद ने हमें बताया कि जब ‘दिल बेचारा’ फिल्म की शूटिंग शुरु हुई तो सुशांत सिंह को ये पता चल गया था कि मैं तमिलनाडु में पला बढ़ा हूं क्योंकि फिल्म में उनका किरदार एक तमिल लड़के का है तो उन्होंने वो बात पकड़ ली थी और वो मुझे कहते थे कि मुझे ये तमिल लाइन बोलकर दिखाओ तो. इस तरह से हमारी दोस्ती शुरु हुई थी. रियल लाइफ में वो पटना से थे और फिल्म में मैं पटना के लड़के का रोल प्ले कर रहा हूं तो इस तरह से हम दोनों सेट पर एक दूसरे को मदद करते थे.

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