इंडिया टुडे के स्टेट ऑफ़ स्टेट्स (एसओएस) कॉन्क्लेव का पंजाब संस्करण गुरुवार को आयोजित किया जा रहा है. इस दौरान अंतिम सेशन पंजाब के म्यूजिक पर आधारित था, जिसका नाम था म्यूजिक मेड इन पंजाब. इसमें ख्यात सिंगर, कवि, कंपोजर डॉ. सतिंदर सरताज और सिंगर गिन्नी माही ने शिरकत की.
गिन्नी माही ने कहा- मेरे करियर की बस अभी शुरुआत है. मैं मंजिल की तरफ बढ़ती जा रही हूं. मेरा टारगेट प्लेबैक सिंगर बनना है. गिन्नी ने कहा- मैं चाहती हूं कि मेरा हर एक गाना लोगों को कोई संदेश दे. मेरे गाने में एक सच्चाई और मानवता होनी चाहिए. दुनिया के हर धर्म गुरु की कही बातों को मैं अपने गानों के जरिए कहना चाहती हूं. संदेश यही है कि पूरे संसार में एकता होनी चाहिए.
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— आज तक (@aajtak) February 7, 2019
गिन्नी माही ने पंजाब से लगाव को लेकर कहा, "मैं पंजाब से गहरे से जुड़ी हूं. दुनिया में कहीं भी जाती हूं, लेकिन मेरा मन पंजाब में होता है. मैं भाग्यशाली हूं. यहां का फोक कमाल का है. मेरा, पंजाब के साथ और मेरे शहर जालंधर के साथ बहुत दिली लगाव है. ये हमेशा ही रहेगा. मेरे मां बाप भले ही मेरे साथ विदेश में या कहीं भी हों, लेकिन मेरा मन पंजाब से बाहर नहीं लगता. पंजाब में मुझे अलग खुशी मिलती है."
बदलाव मनोवैज्ञानिक रूप से आएगा, न कि जबर्दस्ती: सरताज
इस सेशन में शामिल सतिंदर ने कहा- "मेरा कोई म्यूजिकल बैकग्राउंड नहीं रहा, लेकिन शुरू से ही कुछ था अंदर जो मुझे म्यूजिक की ओर ले गया. शायराना कोई भी हो सकता है, लेकिन इसे संभालकर रखना बड़ी बात है. मैं विदेश में डांसिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुका हूं. तीसरी क्लास में पहला परफॉर्मेंस दिया था."
पंजाबी सॉन्ग के बोल का स्तर गिरने और इसकी आलोचना होने पर सतिंदर ने कहा- "ये बदलाव मनोवैज्ञानिक रूप से आएगा, न कि जबर्दस्ती. हमने एक कैंपेन चलाया है सेव यूथ, सेव पंजाब. आप म्यूजिक की इस समस्या को सिंगर और राजनेताओं के जरिए नहीं सुलझा सकते. हमें तो बताया जाता है कि जिसकी मांग हो, वो बनाया जाएगा. अब सब इसमें ऑडियंस के ऊपर होता है."