scorecardresearch
 

मणिकर्ण‍िका: द क्वीन ऑफ झांसी Review: ट्रेलर के 6 अहम प्वाइंट

कंगना रनौत की फिल्म मणिकर्ण‍िका: द क्वीन ऑफ झांसी का ट्रेलर रिलीज हो गया है. तीन मिनट 19 सेकेंड में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन के कई पहलुओं को द‍िखाया है.

कंगना रनौत कंगना रनौत

कंगना रनौत की फिल्म "मणिकर्ण‍िका: द क्वीन ऑफ झांसी" का ट्रेलर रिलीज हो गया है. तीन मिनट 19 सेकेंड में झांसी की रानी  लक्ष्मीबाई के जीवन के कई पहलुओं को द‍िखाया है. लीड रोल में कंगना रनौत हैं और इस फिल्म के लिए उन्होंने काफी मेहनत भी की है, वो इसे अपना प्यार और ड्रीम प्रोजेक्ट घोष‍ित कर चुकी हैं.

कंगना की तरह ही फैंस को भी इस फिल्म के ट्रेलर का इंतजार लंबे वक्त से था. ट्रेलर सामने आने के बाद मिलीजुली प्रत‍िक्र‍िया सोशल मीड‍िया पर मिल रही है. आइए जानते हैं आखिर कैसा है फिल्म का ट्रेलर...

ट्रेलर की तीन खूबियां और तीन कमियां

1. कंगना की आवाज:

कंगना रनौत बेहतरीन अदाकारा हैं, इसल‍िए उनसे अपेक्षाएं ज्यादा हैं. मणिकर्ण‍िका के अवतार में एक्ट्रेस को देखकर तो ये लगता है कि किरदार में दम है, लेकिन उनके डायलॉग सुनने के बाद ये नहीं लगता कि किरदार जानदार है. पीर‍ियड ड्रामा फिल्मों में हमेशा आवाज का अहम रोल होता है. वैसे इस बात का ख्याल ट्रेलर में कहीं-कहीं रखा गया है, जो साफ पता चलता है. रानी लक्ष्मीबाई का किरदार कंगना के लिए चैलेंज है, क्योंकि ये एक ऐसा कि‍रदार है ज‍िसके बल‍िदान और बहादुरी के किस्से हर बच्चे ने सुने हैं. ऐसे में कंगना के किरदार की कम‍ियां तीन म‍िनट के ट्रेलर में साफ नजर आ रही हैं.  

2. बैकग्राउंड म्यूज‍िक:

पीर‍ियड ड्रामा फिल्म में बैकग्राउंड म्यूजिक का रोल सबसे अहम होता है. ये बात आज का दर्शक बीते द‍िनों र‍िलीज हुई कई फिल्मों को देखकर साफ पता चलता है. महज ट्रेलर देखकर कंगना की फिल्म की तुलना किसी दूसरी फिल्म से नहीं की जा सकती. लेकिन फिल्म के एक्शन सीन के आगे कमजोर बैकग्राउंड म्यूज‍िक की कमी द‍िखती है.

3. फिल्म के संवाद:

"मणिकर्ण‍िका: द क्वीन ऑफ झांसी" फिल्म के ट्रेलर कई बेहतरीन संवाद हैं. लेकिन ये संवाद आवाज की वजह से बखूबी दर्शकों के द‍िल तक नहीं पहुंच पाते हैं. कंगना की आवाज को जहां टेक्निकली इम्प्रूव किया गया है, वो संवाद अच्छे हैं. लेकिन युद्ध का उद्घोष करती रानी की दबी आवाज को सुनना पूरे सीन के सीक्वेंस को तोड़ देता है.

फिल्म के बेहतरीन प्वाइंट:

1. एक्शन सीन:

कंगना के ईद-ग‍िर्द ल‍िखी गई स्क्र‍िप्ट में सबसे बड़ा पार्ट है एक्शन. इसे न‍िभाने में कंगना ने पूरी कोश‍िश की है. र‍िपोर्ट्स के मुताब‍िक कंगना ने सभी एक्शन सीन को र‍ियल द‍िखाने की वजह से तलवाबाजी सीखी. उन्होंने सीन खतरनाक होने के बावजूद खुद शूट किए. कंगना का शानदार काम एक्शन सीन में देखा जा सकता है.

2. फिल्म की कहानी:

मणिकर्ण‍िका का ट्रेलर देखकर वो सारी कहान‍ियां जीवंत हो जाती है, जो बचपन से हम झांसी की रानी को लेकर सुनते आए हैं. कैसे एक रानी ने अपने सम्राज्या को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी लगा दी. लेकिन झांसी की रानी के जीवन के कई ऐसे पहलू हैं ज‍िनके बारे में आज भी आम शख्स गहराई से नहीं जानता. ट्रेलर देखकर ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि झांसी की रानी के जीवन कई अनकहे पहलू को द‍िखाया गया है. जैसे उनकी युवा अवस्था, कैसे मणिकर्ण‍िका नाम की लड़की बनी झांसी की रानी, ये सारी चीजें द‍िखाई देती हैं. बतौर प्रेम‍िका लक्ष्मीबाई के जीवन का किरदार, जो एक मां होने के साथ अपने सम्राज्या को बचाने वाली रानी भी हैं. ऐसे कई पहलू ट्रेलर में नजर आए हैं.

3. बतौर डायरेक्टर कंगना का डेब्यू

ये फिल्म काफी समय तक विवादों में भी रही और इस फिल्म के निर्देशक कृष ने फिल्म को बीच में ही छोड़ दिया था. इसके बाद कंगना रनौत ने फिल्म के डायरेक्शन की कमान अपने हाथों में ली और अब कंगना को इस फिल्म का सह निर्देशक होने का दर्जा मिलेगा. बतौर एक्टर कंगना अपना अपना परचम इंडस्ट्री में फहरा चुकी हैं, अब बारी उनके डायरेक्शन को देखने की है. हर ल‍िहाज से ये फिल्म कंगना रनौत के बहुत मायने रखती है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें