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कबीर सिंह में गुमसुम और चुपचाप क्यों है कियारा का किरदार ? डायरेक्टर ने बताया

डायरेक्टर के मुताबिक,  'हमें कियारा तभी दिखाई देती है जब शाहिद उसे देखना चाहते हैं'

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कियारा आडवाणी
कियारा आडवाणी

शाहिद कपूर अपने करियर में एक बार फिर ऐसा किरदार निभाने जा रहे हैं जिसकी जिंदगी ड्रग्स से प्रभावित है. शाहिद फिल्म कबीर सिंह में एक डॉक्टर की भूमिका में हैं जिसका अपने गुस्से पर कंट्रोल नहीं है और वो अपनी गर्लफ्रेंड को भुला नहीं पा रहा है. उड़ता पंजाब के बाद शाहिद के लिए ये फिल्म एक बार फिर चुनौतीपूर्ण है क्योंकि शाहिद निजी जीवन में शराब और ड्रग्स नहीं करते हैं और अपनी बेहतरीन फिटनेस के लिए जाने जाते हैं.

गौरतलब है कि शाहिद की ये फिल्म तेलुगू फिल्म अर्जुन रेड्डी की ऑफिशियल रीमेक है. शाहिद के साथ फिल्म में कियारा आडवाणी लीड एक्ट्रेस का रोल निभा रही हैं. इस फिल्म को तेलुगू में बनाने वाले डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ही हिंदी में इस फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं.

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 स्क्रॉल वेबसाइट के साथ बातचीत में डायरेक्टर संदीप ने फिल्म अर्जुन रेड्डी के बारे में बातचीत की. संदीप से पूछा गया कि आपने फिल्म में प्रीति के किरदार को गुमसुम और चुपचाप क्यों दिखाया है ? इस पर उन्होंने कहा कि इस फिल्म का नाम अर्जुन रेड्डी है. कैमरा वही देख रहा है जो अर्जुन देख रहा है. ये पूरी तरह से कैरेक्टर से प्रभावित फिल्म है. हमें प्रीति तभी दिखाई देती है जब अर्जुन अपनी बाइक उठाकर निकल पड़ता है. वो ऊपर देखता है और उसे और दर्शकों को प्रीति दिखाई देती है.

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उन्होंने आगे कहा कि 'प्रीति का किरदार ब्लैक और व्हाइट है. अर्जुन में काफी खामियां है और उसके किरदार में काफी शेड्स है और उसके हमेशा एक ऐसी लड़की के प्यार में पड़ने की संभावना है जो काफी सिंपल हो. कई लोगों ने मुझसे इस बारे में पूछा भी है. अगर मैंने प्रीति को दूसरे हाफ में काफी स्पेस दिया होता तो फिल्म के अंत में छिपा सरप्राइज़ खराब हो जाता. फिल्म के क्लाइमैक्स का सरप्राइज़ इसलिए काम करता है क्योंकि हमने प्रीति को एक घंटे से नहीं दिखाया है और लोगों ने उम्मीद छोड़ दी होती है कि वो फिर वापस भी आएगी.  एक मेनस्ट्रीम फिल्म जो प्यार की कहानी कहती है उस फिल्म में एक्ट्रेस का 90 मिनटों तक स्क्रीन पर ना होना कहीं ना कहीं चैलेंजिंग तो है लेकिन मुझे इसे लिखने में काफी मजा भी आया.'

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