गुजरात में अब फिल्म पद्मावत शायद कभी रिलीज न हो. करणी सेना के विरोध के बाद मल्टीप्लेक्स मालिकों ने सुरक्षा पर चिंता जताते हुए इसे रिलीज नहीं किया था.
फिल्म की रिलीज रुकने के बाद वायकॉम ने दो दिन पहले गुजरात हाईकोर्ट में पद्मावत को रिलीज किए जाने की मांग के साथ याचिका दायर की थी. इसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक पद्मावत फिल्म को रिलीज करने की जिम्मेदारी सरकार की है. उसे सुरक्षा उपलब्ध करानी चाहिए.
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हालांकि, वायकॉम की इस याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट में सरकार ने अपना पक्ष रखने के लिए 7 फरवरी तक का वक्त मांगा था, लेकिन शुक्रवार को याचिका करने के एक दिन बाद ही वायकॉम ने ये याचिका वापस ले ली.
वायकॉम द्वारा इस याचिका को वापस लिए जाने का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है. लेकिन कोर्ट ने ये जरूर कहा है कि अगर याचिका दाखिल करना चाहते हैं तो दोबारा कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं. लेकिन माना यही जा रहा है कि ये याचिका सरकार दबाव में वापस ली गई है.
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बता दें कि करणी सेना के विरोध को देखते हुए कई सिनेमाघर मालिकों ने फिल्म पद्मावत को नहीं दिखाने का ऐलान किया था. फिल्म रिलीज होने से एक दिन पहले मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी राजस्थान, गुजरात मध्य प्रदेश और गोवा में इसको नहीं दिखाने का ऐलान किया था. यह एसोसिएशन भारत के 75 फीसदी सिनेमाघर मालिकों का संगठन है.