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आरोपों से अक्षय का इंकार, गुरुग्रंथ साहिब बेअदबी मामले में दी सफाई

सिखों के पवित्र धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अपमान के मामले में पंजाब पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अक्षय कुमार, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को तलब किया है. इस मामले पर अक्षय ने सोशल मीड‍िया पर सफाई दी है.

अक्षय कुमार अक्षय कुमार

सिखों के पवित्र धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब के कथित अपमान के मामले में पंजाब पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अक्षय कुमार, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को तलब किया है. इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अक्षय कुमार ने पूरे मामले पर ट्व‍िटर पर अपना बयान पोस्ट किया है.

उन्होंने ल‍िखा, मुझे सोशल मीड‍िया पर फैली अफवाओं के जर‍िए पूरे मामले के बारे में पता चला. मैं अपना पक्ष रखते हुए सही फैक्ट यहां रखना चाहता हूं.

1. मैं अपने जीवनकाल में कभी भी और कहीं भी गुरमीत राम रहीम सिंह नामक व्यक्ति से नहीं मिला.

2. मैं सोशल मीडिया के कुछ बातों से यह समझ पाया कि गुरमीत राम रहीम सिंह मुंबई के जुहू इलाके में कहीं रहते हैं लेकिन मेरी कभी उनसे भेंट नहीं हुई है.

3. मैं लगातार कई वर्षों से पंजाबी संस्कृति और उसके स्वर्णिम इतिहास और सिख धर्म के संस्कारों को अपनी फिल्मों के माध्यम से, जिनमें सिंह इस किंग या केसरी (जोकि बैटल ऑफ सारागढ़ी पर आधारित) है, के माध्यम से प्रचार करता रहा हूं. मुझे पंजाबी होने पर गर्व है और मैं सिख धर्म के प्रति बहुत आदर रखता हूं. मैं कभी ऐसा कोई काम नहीं करूंगा जिससे मेरे पंजाबी भाइयों और बहनों की भावनाओं को दुख पहुंचे. उनके प्रति मेरे मन में बहुत आदर और प्रेम है.

मैं उन लोगों को चुनौती देता हूं जो लोग इसे गलत साबित कर दें - अक्षय कुमार

बता दें पंजाब सरकार के ट्वीट में लिखा है, "पुलिस फायरिंग की घटनाओं की जांच कर रही एसआईटी ने बरगाड़ी में धर्म ग्रंथ के अपमान के मामले में पूछताछ के लिए प्रकाश, सुखबीर बादल और अक्षय को समन भेजा है. प्रकाश को 16 नवंबर, सुखबीर को 19 नवंबर और अक्षय को 21 नवंबर को अमृतसर स्थित सर्किट हाउस में पेश होना पड़ेगा."

रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी सदस्य और आईजी रैंक के अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अलग-अलग समन आदेश जारी किए हैं. एसआईटी, राज्य में धर्मग्रंथ की बेअदबी की कई घटनाओं के बाद 2015 में फरीदकोट में कोटकपूरा और बहबल कलां में गोलीबारी की घटनाओं की जांच कर रही है. बहबल कलां में पुलिस गोलीबारी में दो लोग मारे गए थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सीएम अमरिंदर सिंह ने पाया है कि इसके तार राम रहीम से जुड़े थे.

क्या है मामला?

ये मामला गुरुमीत राम रहीम के डेरा सच्चा सौदा और सिखों के बीच झड़प का है. बता दें कि 2015 में गुरु ग्रन्थ साहिब के 110 पन्नों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया था. इसके पीछे डेरा समर्थकों का हाथ बताया गया. मामला सामने आने के बाद डेरा और सिख संगठनों के लोग आमने सामने हो गए थे. पंजाब में कुछ दिन तक अशांति रही और हिंसक घटनाएं देखने को मिलीं. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्षय पर आरोप है उस दौरान उन्होंने बादल और राम रहीम के बीच मुलाकात कराई थी. हालांकि अक्षय मुलाकात कराने की बात से पहले ही इनकार कर चुके हैं.

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