89 साल की उम्र में बॉलीवुड में शम्मी आंटी के नाम से मशहूर एक्ट्रेस नरगिस
रबाड़ी का निधन हो गया. इस खबर को सबसे पहले डिजाइनर संदीप खोसला ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया. शम्मी आंटी ने बॉलीवुड में करीब 200 फिल्मों में काम किया. आइए जानते हैं बॉलीवुड में किस एक्ट्रेस की वजह से शम्मी आंटी को बदलना पड़ा था अपना नाम, कैसी थी उनकी पर्सनल लाइफ...
बता दें कि एक्ट्रेस बनने से पहले शम्मी आंटी पैकेजिंग डिपार्टमेंट में काम करती थीं. एक फैमिली फ्रेंड की वजह से उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका मिला था.
शम्मी के पिता पारसी थे, वो एक पारसी मंदिर में पुजारी थे. शम्मी की शादी फिल्म
निर्माता-निर्देशक सुल्तान अहमद से हुई थी, हालांकि शादी के सात साल बाद उन्होंने तलाक ले
लिया था.
इंडस्ट्री में लंबे वक्त तक काम करने के बारे में उन्होंने बताया था, मैंने
कभी प्लान नहीं किया और ना ही बहुत ज़्यादा महत्वाकांक्षाएं रखीं. बस जो
भी काम मिलता रहा, बिना ना-नुकुर करती चली गई. बताते चलें कि शम्मी आंटी
नायिका के तौर पर कम नजर आईं, लेकिन चरित्र अभिनेत्री के रूप में उन्होंने
खूब काम किया.
एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कैसे उनका नाम शम्मी आंटी पड़ा. उनके
मुताबिक, 'नरगिस जी उस जमाने में बहुत बड़ी स्टार थीं इसलिए फिल्म
डायरेक्टर तारा हरीश ने मुझे नया नाम 'शम्मी आंटी' दे दिया. दरअसल, यह फ़िल्म
'मल्हार' के मेरे चरित्र का ही नाम था.'
शम्मी आंटी ने कई बड़े स्टार्स के साथ
काम किया. 1952 में दिलीप कुमार और मधुबाला के साथ फिल्म 'संगदिल' में
शम्मी आंटी सहनायिका की भूमिका में भी नजर आई थीं.
बॉलीवुड में दोस्ती के कई किस्से मशहूर हैं. वहीदा रहमान, आशा पारेख और हेलन के साथ शम्मी आंटी की दोस्ती मशहूर है. इन
चारों को अक्सर ही साथ देखा जाता था.
बॉलीवुड के मेगा स्टार अमिताभ बच्चन ने शम्मी आंटी के निधन पर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, शम्मी आंटी.. बेहतरीन एक्ट्रेस, फिल्म इंडस्ट्री में सालों योगदान देने के बाद दुनिया से चली गई हैं. वह लंबी बीमारी से जूझ रही थीं. दुखद..
धीरे-धीरे सब जा रहे हैं.
शम्मी आंटी ने फिल्मों के साथ ही टीवी पर भी काफी काम किया 'देख भाई देख' जैसे मशहूर कॉमेडी शो के अलावा 'जबान संभाल के', 'श्रीमान श्रीमति', 'कभी ये कभी वो', 'फिल्मी चक्कर' जैसे टीवी शोज भी काम कर चुकी हैं.
1950 के दशक में शम्मी आंटी ने ‘बाग़ी’, ‘आग का दरिया’, ‘मुन्ना’,
‘रुखसाना’, ‘पहली झलक’, ‘लगन’, ‘बंदिश’, 'मुसाफ़िरखाना', ‘आज़ाद’ और 'दिल
अपना और प्रीत परायी' जैसी कई फ़िल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं की.
रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी अंतिम फिल्म ‘शिरीन फ़रहाद की तो निकल पड़ी’ है
जो साल 2012 में प्रदर्शित हुई थी.