तमिल सुपरस्टार थलपति विजय की मोस्टअवेटेड फिल्म 'जन नायगन' की रिलीज को लेकर छिड़ा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. फिल्म निर्माता KVN प्रोडक्शन ने मद्रास हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच के स्टे ऑर्डर के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को होगी.
विजय की फिल्म रिलीज पर विवाद
एक्टर विजय की फिल्म 'जन नायगन' की रिलीज के विवाद पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार यानी 15 जनवरी को सुनवाई करेगा. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ सुनवाई करेगी. मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट के उसी निर्णय को फिल्म प्रोड्यूस करने वाली कंपनी KVN प्रोडक्शन ने सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी है.
पिछले दिनों मद्रास हाई कोर्ट की खंडपीठ ने अपने निर्णय में अभिनेता से लोकनेता बने विजय की फिल्म 'जन नायगन' को सेंसर सर्टिफिकेट देने के निर्देश वाले हाईकोर्ट की एकल जज पीठ के आदेश पर रोक लगाई. विजय ने हाल ही में अपनी पॉलिटिकल पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' का गठन किया है और बताया जा रहा है कि 'जन नायगन' उनकी राजनीति में एंट्री से पहले की आखिरी फिल्म है.
क्या है विवाद?
'जन नायगन' विजय की आखिरी सिनेमाई प्रोजेक्ट मानी जा रही है, क्योंकि वो अपनी पार्टी तमिलागा वेट्टरी कझागम से पूरी तरह राजनीति में उतर चुके हैं. फिल्म 9 जनवरी को रिलीज के लिए तय थी. CBFC की चेन्नई रीजनल ऑफिस की एग्जामिनिंग कमेटी ने दिसंबर 2025 में फिल्म को कुछ कट्स के बाद U/A 16+ सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की थी, जिसे निर्माताओं ने मान लिया. लेकिन 6 जनवरी को CBFC चेयरपर्सन प्रसून जोशी ने एक शिकायत के आधार पर इसे रिवाइजिंग कमेटी को भेज दिया. शिकायत एग्जामिनिंग कमेटी के ही एक सदस्य की थी, जिसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और सेना के चित्रण पर आपत्ति जताई गई.
फिल्म को लेकर खड़ा हुआ विवाद सेंसरशिप नियमों, CBFC की प्रक्रिया और फिल्म रिलीज टाइमलाइन पर सवाल खड़े करता है. अगर कोर्ट राहत देता है, तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा सकती है. विजय के प्रशंसक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि ये उनके सिने करियर का अंतिम अध्याय हो सकता है.