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'हिंदी को प्राथमिकता मिलती है', Jr NTR ने भारत की तरफ से RRR को ऑस्कर में न भेजने पर दिया जवाब

RRR ने हाल ही में 'बेस्ट ऑरिजिनल सॉंग' कैटेगरी में गोल्डन ग्लोब अवार्ड जीता है. इस जीत से फिल्म के ऑस्कर कैम्पेन को और मजबूती मिलने वाली है. अब RRR एक्टर जूनियर एनटीआर ने एक इंटरव्यू में अपनी फिल्म को भारत की ऑफिशियल ऑस्कर एंट्री न बनाए जाने पर दिल खोल के बात की है.

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जूनियर एनटीआर (क्रेडिट: ट्विटर)
जूनियर एनटीआर (क्रेडिट: ट्विटर)

इंडिया के टॉप डायरेक्टर्स में से एक एसएस राजामौली की फिल्म RRR को हाल ही में एक बड़ी इंटरनेशनल कामयाबी मिली. फिल्म के गाने 'नाटू नाटू' को 'बेस्ट ऑरिजिनल सॉंग' की कैटेगरी में गोल्डन ग्लोब अवार्ड मिला है. RRR के मेकर्स अपने दम पर ऑस्कर कैम्पेन में शामिल हुए हैं और इंटरनेशनल मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो फिल्म को ऑस्कर मिलने के चांस बहुत मजबूत हैं. 

इंटरनेशनल लेवल पर फिल्म को मिली बड़ी कामयाबी के बाद RRR की टीम का उत्साह काफी बढ़ गया है. फिल्म के डायरेक्टर राजामौली और एक्टर्स जूनियर एनटीआर (Jr NTR), राम चरण एक अलग ही एनर्जी के साथ फिल्म के ऑस्कर कैम्पेन को आगे बढ़ा रहे हैं. अब RRR के एक्टर्स का एक नया इंटरव्यू आया है, जिसमें जूनियर एनटीआर अपनी फिल्म को इंडिया की ऑफिशियल एंट्री न बनाए जाने पर बात कर रहे हैं. उन्होंने हिंदी को लेकर भी अपनी एक राय रखी. 

'द छेलो शो' है इंडिया की ऑफिशियल ऑस्कर एंट्री
RRR, ऑस्कर की दौड़ में तो है, लेकिन ये भारत की ऑफिशियल एंट्री नहीं है. फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया ने गुजराती फिल्म 'द छेलो शो' को ऑस्कर के लिए अपनी ऑफिशियल एंट्री बनाया है. लंबे समय से भारतीय फिल्में ऑस्कर की रेस में शामिल तो होती हैं लेकिन फाइनल नॉमिनेशन तक नहीं पहुंच पातीं. हालांकि, इंडियन डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर भारत की तरफ से RRR को ऑफिशियल एंट्री बनाया जाता तो 95% चांस था कि इसे नॉमिनेशन मिलता. 

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हिंदी फिल्मों को ज्यादा चुनता है बोर्ड?
वैरायटी के साथ एक इंटरव्यू में जूनियर एनटीआर से ऑस्कर में फिल्म भेजने की इंडियन 'पॉलिटिक्स' पर सवाल पूछा गया. इंटरव्यू लेने वाले ने कहा कि उसे इंडिया में ऑस्कर के लिए फिल्में भेजने की पॉलिटिक्स पर ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन ट्रेडिशनली ऐसा इतिहास रहा है कि हिंदी फिल्मों को ज्यादा चुना जाता है.

इस बात पर एनटीआर ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि इस बात पर बहुत ज्यादा पॉलिटिक्स हो रही है कि किन फिल्मों को जाना चाहिए. मुझे लगता है कि जो पैनल बैठकर ये फैसला लेता है, उन्हें अपना काम अच्छे से आता है.' हिंदी फिल्मों के ज्यादा चुने जाने पर उन्होंने कहा, 'हिंदी बहुत लंबे समय तक हमारी मुख्य राष्ट्रीय भाषा रही है और इसीलिए उसे प्राथमिकता मिलती है. हमारे लिए तो, RRR चुनी जाए या नहीं, लेकिन इसने हमें गर्व महसूस करवा दिया है.' 

अपने साथी एक्टर की बात पर RRR के दूसरे लीड एक्टर राम चरण ने कहा, 'वो (जूनियर एनटीआर) ज्यादा विनम्र बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मुझे तो ये दोनों अवार्ड चाहिए.' उनकी इस बात पर तीनों हंस पड़े. जूनियर एनटीआर ने कहा, 'मैं इसपर (ऑस्कर के चांस पर) नजर नहीं लगाना चाहता.' 

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वैसे, अगर 2010 से अभी तक देखा जाए तो भारत की तरफ से ऑस्कर के लिए चुनी गईं ऑफिशियल एंट्री में 5 हिंदी फिल्में रही हैं. जबकि नॉन-हिंदी फिल्मों की गिनती 8 है. इनमें मलयालम, तमिल, गुजराती फिल्में 2 बार चुनी गई हैं. मराठी और असमिया फिल्मों को एक-एक बार ऑस्कर में भारत को रिप्रेजेंट करने का मौका मिला है.

भारत के सिनेमा फैन्स जहां एक तरफ 'द छेलो शो' को देश की तरफ से जीतने की दुआ कर रहे हैं, वहीं RRR की जीत का भी इंतजार किया जा रहा है. देखना ये है कि इस बार ऑस्कर ट्रॉफी भारात आ पाती है या ये इंतजार अभी और लंबा चलेगा. 

 

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