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Satyameva Jayate 2 Review: नई बोतल में पुरानी कहानी है जॉन अब्राहम की फिल्म 'सत्यमेव जयते 2', एक्शन दमदार, पर कर दी ये भूल

Satyameva Jayate 2 Review: तीतर के दो आगे तीतर, तीतर के दो पीछे तीतर, बोलो कितने तीतर? ये तो हुआ पुराना वर्जन. अगर इस पहेली का नया वर्जन देखना चाहते हैं, तो जॉन अब्राहम की नई फिल्म सत्‍यमेव जयते 2 देख डालिये. फिल्म में जॉन के आगे जॉन. जॉन के पीछे जॉन. जॉन के दायें भी जॉन है और जॉन के बायें जॉन हैं.

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सत्यमेव जयते 2 सत्यमेव जयते 2
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रिलीज हुई सत्यमेव जयते 2
  • ट्रिपल रोल में हैं जॉन
  • नई बोतल में पुरानी कहानी

Movie Review of Satyameva Jayate 2: तीतर के दो आगे तीतर, तीतर के दो पीछे तीतर, बोलो कितने तीतर? ये तो हुआ पुराना वर्जन. अगर इस पहेली का नया वर्जन देखना चाहते हैं, तो जॉन अब्राहम की नई फिल्म सत्‍यमेव जयते 2 देख डालिये. फिल्म में जॉन के आगे जॉन. जॉन के पीछे जॉन. जॉन के दायें भी जॉन है और जॉन के बायें जॉन हैं. अगर ये लाइनें पढ़ने के बाद आपका सिर घूम रहा है, तो सोचिये जिन लोगों ने पूरी फिल्म देखी है उनका क्या हाल होगा. सत्यमेव जयते 2 के नाम पर फिल्मी फैंस के साथ जो मजाक हुआ न, उससे बुरा कुछ हो ही नहीं सकता. 

कहानी 
मिलाप जवेरी के निर्देशन में बनी सत्यमेव जयते 2 को देखने के बाद आपको 80 के दशक वाली फील आयेगी है. सत्यमेव जयते 2 की कहानी भी इसके पहले पार्ट पर आधारित है. जिसमें किसानों का दर्द, भ्रष्टाचार और भाई-भाई के बीच प्यार-टकरार देखने को मिलेगी. अब आते हैं फिल्म की कहानी पर. इसकी शुरुआत होती है. सत्‍या आजाद (जॉन अब्राहम) जो कि राज्य के गृह मंत्री हैं. गृह मंत्री राज्य को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना चाहते हैं, जिसके लिये वो संसद में एंटी करप्‍शन बिल पास कराना चाहते हैं. 

गृह मंत्री की लाख कोशिशों के बाद भी कोई भी नेता उनका साथ देने के लिये राजी नहीं है. यहां तक विपक्ष में बैठी उनकी पत्नी विद्या (दिव्‍या खोसला कुमार) भी नहीं. इसी दौरान राज्य में कई हत्या भी होने लगती हैं, जिससे लोगों के बीच दहशत का माहौल बन जाता है. अब भ्रष्टाचार मिटाने के लिये एसीपी जय आजाद यानि जॉन अब्राहम को बुलाया जाता है. कहानी में एक मोड़ ऐसा भी आता है जहां सत्‍या और जय दोनों भाई आमने-सामने होते हैं. यहां से शुरु होती है फिल्म की असली कहानी. अब भाई आपस में लड़ेंगे या फिर दूसरों के लिये मुश्किल बनेंगे. ये जानने के लिये आपको फिल्म देखनी पड़ेगी. 

फिल्म की अच्छाई और कमियां
फिल्म की अच्छाई ये है कि बीच-बीच में बोले गये इसके वन लाइनर काफी अच्छे हैं. जॉन अब्राहम अपनी एक्टिंग के साथ न्याय करते दिखे हैं. जो लोग उनके एक्शन्स के फैन हैं, तो बेशक फिल्म देख सकते हैं. दिव्या कुमार भी फिल्म में जॉन के साथ अच्छी लगी हैं. फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है उसकी कहानी. कहानी के नाम पर पुरानी फिल्मों की मारधाड़ और भ्रष्टाचार है. 

अगर देखा जाये, तो जॉन जैसे एक्टर्स से बहुत कुछ कराया जा सकता था. पर मेकर्स ने एक अच्छे किरदार की बैंड बजा दी. फिल्म के गाने पहले से ही सुपहिट है. बस कहानी अच्छी होती, तो फिल्म काफी बेहतर हो सकती है. 

हमारी तरफ से फिल्म को 5 में से 2 नबंर दिये जाते हैं. बाकी आपको फिल्म कैसी लगी रिव्यू शेयर कर सकते हैं. 

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