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Film Review: दिशाहीन कॉमेडी फिल्म है 'द लीजेंड ऑफ माइकल मिश्रा'

आज यानी 5 अगस्त को डायरेक्टर मनीष झा की फिल्म 'द लीजेंड ऑफ माइकल मिश्रा' रिलीज हुई है. आइए जानते हैं कैसी है ये फिल्म...

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द लीजेंड ऑफ माइकल मिश्रा द लीजेंड ऑफ माइकल मिश्रा

फिल्म का नाम: 'द लीजेंड ऑफ माइकल मिश्रा'
डायरेक्टर: मनीष झा
स्टार कास्ट: अरशद वारसी, अदिति राव हैदरी, बमन ईरानी, कायोजे ईरानी
अवधि: 2 घंटा 05 मिनट
सर्टिफिकेट: U
रेटिंग: 1.5 स्टार

डायरेक्टर मनीष झा ने 'अनवर' और 'मातृभूमि' जैसी अहम् विषयों पर फिल्में बनाई हैं और इस बार उन्होंने कॉमेडी फिल्म 'द लीजेंड ऑफ माइकल मिश्रा' बनाई है. आइए जानते हैं कैसी है ये फिल्म...

कहानी:
फिल्म की कहानी बिहार की पृष्ठभूमि पर आधारित है जहां एक किडनैपर माइकल मिश्रा (अरशद वारसी) रहता है जो किसी को भी किडनैप कर लेता है. सिलसिलेवार घटनाओं के बाद जब उसकी मुलाकात वर्षा शुक्ला (अदिति राव हैदरी) से होती है तो उसकी जिंदगी का मकसद बदलने लगता है और कई सारे उतार चढ़ाव भी आते हैं. आखिरी में फिल्म को एक अंजाम मिलता है.

स्क्रिप्ट:
वैसे तो डायरेक्टर मनीष झा खुद बिहार के रहने वाले हैं और उन्होंने अपने एक्टर्स के जरिए वहां के मूड को भरपूर दिखाने की कोशिश की है. लेकिन स्क्रिप्ट काफी कमजोर सी दिखाई पड़ती है. कहीं कहीं हंसी जरूर आती है लेकिन पूरी तरह से कनेक्ट कर पाना मुश्किल है.

अभिनय:
फिल्म में अरशद वारसी और अदिति राव हैदरी अपने रोल में बखूब प्रदर्शन करते हुए नजर आते हैं जो काफी सहज है. वहीं बमन ईरानी की एक्टिंग की बारीकी भी एक बार फिर से देखने को मिलती है. बमन के बेटे कायोज ईरानी ने भी अच्छा काम किया है.

कमजोर कड़ी:
फिल्म की कमजोर कड़ी इसकी कहानी है, जिसकी बहुत ही ज्यादा मरम्मत करने की जरूरत है.

संगीत:
फिल्म का संगीत ठीक-ठाक है और बैकग्राउंड स्कोर उम्दा है.

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