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Film Review: अच्छा म्यूजिक पर ठंडी कहानी है 'सनम रे'

दिव्या खोसला कुमार ने फिल्म 'यारियां' से अपने डायरेक्शन का डेब्यूट किया था, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की थी और अब अपनी दूसरी फिल्म 'सनम रे' को लेकर तैयार हैं. यह एक रोमांटिक ड्रामा है. क्या इस फिल्म का रोमांस दर्शकों को दिल पर छा पाएगा आइए जानते हैं.

फिल्म 'सनम रे' फिल्म 'सनम रे'

फिल्म का नाम: सनम रे
डायरेक्टर: दिव्या खोसला कुमार
स्टार कास्ट: पुलकित सम्राट ,यामी गौतम, उर्वशी रौतेला, ऋषि कपूर ,भारती सिंह
अवधि: 2 घंटा 05 मिनट
सर्टिफिकेट: U
रेटिंग: 2.5 स्टार

दिव्या खोसला कुमार ने फिल्म 'यारियां' से अपने डायरेक्शन का डेब्यूट किया था, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की थी और अब अपनी दूसरी फिल्म 'सनम रे' को लेकर तैयार हैं. यह एक रोमांटिक ड्रामा है. क्या इस फिल्म का रोमांस दर्शकों को दिल पर छा पाएगा आइए जानते हैं:

कहानी
यहां कहानी आकाश (पुलकित सम्राट ) की है जो प्यार के लिए काफी कन्फ्यूज है, वो अक्सर बचपन में अपने दद्दू (ऋषि कपूर) से प्यार के बारे में तरह-तरह के सवाल पूछा करता है. आकाश का बचपन अपनी दोस्त श्रुति (यामी गौतम) के साथ ही बीतता है, दोनों टीनेज में एक दूसरे के काफी करीब रहते हैं लेकिन प्यार के नाम पर कन्फ्यूजन ही रहते हैं. अपना बचपन टनकपुर नाम की जगह में दद्दू के साथ गुजारने के बाद अब करियर बनाने के लिए आकाश शहर में आ गया है और शहर आते ही उसका दिल आकांक्षा (उर्वशी रौतेला) पर फिदा हो जाता है, लेकिन शहर की जिंदगी में वो खुद को बड़ा अलग पाता है, आकांशा की मोहब्बत बस एक आकर्षण जैसी ही लगती है और इस दौड़ भाग की जिंदगी में उसे बचपन की साथी श्रुति (यामी गौतम) का ख्याल बार-बार आता है, जिसकी वजह से वो अपने शहर वापस चला जाता है, अब क्या आकाश को दुबारा अपना बचपन का प्यार मिल पायेगा? इसका पता आपको फिल्म देखने के बाद ही चलेगा.

स्क्रिप्ट
फिल्म की कहानी तो बस एक ठीक-ठाक सी लव स्टोरी है लेकिन इसकी लोकेशंस और सिनेमेटोग्राफी कमाल की है. सिनेमैटोग्राफर समीर आर्या ने शिमला, कल्पा, लद्दाख और कनाडा की खूबसूरती को बखूबी कैमरे में कैद किया है. कहानी बहुत ही धीरे-धीरे आगे बढ़ती है. म्यूजिक इस फिल्म की अहम कड़ी है जिसकी वजह से फिल्म खिली-खिली सी नजर आती है. संवाद भी टिपिकल रोमांटिक फिल्मों जैसे हैं. संजीव दत्ता और हुसैन दलाल इस कहानी को और भी बेहतर लिख सकते थे.

अभिनय
फिल्म में सबसे उम्दा काम दद्दू के रूप में ऋषि कपूर ने किया है, साथ ही कॉमेडियन भारती भी कुछ सीन में हंसाने का काम करती हैं. इसके अलावा रोमांटिक अवतार में पुलकित और यामी गौतम ने अच्छा अभिनय किया है, उर्वशी रौतेला ने भी फिल्म में अपने दिए गए किरदार को सही ढंग से निभाया है. फिल्म का हीरो है अच्छी लोकेशंस जो कि एक तरह की विजुअल ट्रीट कही जा सकती है.

संगीत
फिल्म के गीत इसकी रिलीज से पहले ही हिट हो चुके हैं और जीत गांगुली, अमाल मलिक ने अच्छा संगीत दिया है. पूरी एल्बम ही काफी अच्छी है और म्यूजिक पर्दे पर और भी खिलता है.

कमजोर कड़ी
फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी इसकी स्क्रिप्ट है, जिसमें नएपन जैसी कोई बात नहीं. कहानी बेहतर होती तो देखने में और भी मजा आता. पुलकित स्क्रीन पर जबरदस्ती का रोमांस करते हुए नजर आते हैं फिल्म में उनके हाव भाव कुछ कमाल नहीं कर पाते. रोमांटिक लव स्टोरी के लिए गानो के साथ-साथ पुलकित को और भी ज्यादा काम करने की जरूरत थी.

क्यों देखें
विजुअल के हिसाब से रिच फिल्म है, अगर आप पुलकित सम्राट, यामी गौतम, उर्वशी रौतेला के फैन हैं तो फिल्म जरूर देखें.

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