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Darlings Movie Review: डार्लिंग्स देखकर कहेंगे फायर हैं आलिया भट्ट, शानदार है कहानी के ट्व‍िस्ट

Darlings Movie Review: डार्लिंग्स में घरेलू हिंसा के मुद्दे को शानदार तरीके से पेश किया गया है. एक पति जिसे बाहरी दुनिया में सिर्फ दुतकारा जाता है, वो घर में खुद को शहंशाह समझता है. अपनी ईगो का सेटिस्फाई करने के लिए वो अपनी मासूम और प्यार करने वाली बीवी पर हाथ उठाता है. उसे हर बात पर जलील करता है. पीटता है, गंदा सुलूक करके खुद को बड़ा समझने की कोशिश करता है. बीवी पति की हर हरकत को चुपचाप सहती है, ये सोचकर कि 'एक दिन वो बदल जाएगा'. लेकिन बदलता पति नहीं है, बल्कि पत्नी को बदलना पड़ता है और वो कैसे....? 

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डार्लिंग्स फिल्म पोस्टर डार्लिंग्स फिल्म पोस्टर
फिल्म:Darlings
3/5
  • कलाकार : आलिया भट्ट, शेफाली शाह, विजय वर्मा, रोशन मैथ्यू, किरण करमारकर
  • निर्देशक :जसमीत के रीन

...जब तक डरती है, तब तक डराता है...जब तक पिटती है, तब तक हाथ उठाता है...लेकिन जिस दिन औरत अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती है, उस दिन हर मर्द पर भारी पड़ जाती है. एक औरत अपनी शादीशुदा जिंदगी को बचाने के लिए पति के हर जुल्म को चुपचाप सहती है, हर तकलीफ को बर्दाश्त करती है. लेकिन कब तक...? घरेलू हिंसा सहते-सहते औरत जिस दिन थक जाती है और अपने साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करती  है तो फिर शरू होता है बदलाव.

डार्लिंग्स में समाज के इस मुद्दे को शानदार तरीके से पेश किया गया है. एक पति जिसे बाहरी दुनिया में सिर्फ दुतकारा जाता है, वो घर में खुद को शहंशाह समझता है. अपनी ईगो को सेटिस्फाई करने के लिए वो अपनी मासूम और प्यार करने वाली बीवी पर हाथ उठाता है. उसे हर बात पर जलील करता है. पीटता है, गंदा सुलूक करके खुद को बड़ा समझने की कोशिश करता है. बीवी पति की हर हरकत को चुपचाप सहती है, ये सोचकर कि 'एक दिन वो बदल जाएगा'. लेकिन बदलता पति नहीं है, बल्कि पत्नी को बदलना पड़ता है और वो कैसे....? यही तो फिल्म की कहानी है.

दिल को छू लेती है डार्लिंग्स की कहानी

डार्लिंग्स शुरू होती है, दो प्यार करने वालों से, जो एक दूसरे से शादी करने का सपना देखते हैं. शादी भी हो जाती है. शादी के बाद बदरू शेख (आलिया भट्ट) और हमजा (विजय वर्मा) की जिंदगी में प्यार कम और तकरार ज्यादा होता है. हमजा से लव मैरिज करके बदरू कई बड़े सपने देखती है. एक अच्छा घर, प्यार करने वाला पति और एक बच्चा. बदरू अपने और हमजा के लिए एक लग्जूरियस लाइफ चाहती है. लेकिन हमजा को शराब पीने की लत होती है. वो अपनी नौकरी से भी नाखुश रहता है, क्योंकि एक टीसी बनने के बाद भी उसे बॉस की टॉयलेट साफ करनी पड़ती है. हमजा हर रोज घर में शराब पीकर आता है. बदरू पति के घर आने से पहले उसे खुश करने के लिए अच्छा-अच्छा खाना बनाती है. उसकी सेवा करती है और जैसे ही वो घर या बच्चे की बात करती है तो हमजा बदरू को पीटने लगता है. पिटने के डर से बदरू हमजा से डर-डरकर हर काम करती है. 

बदरू की मां शमशू ( शेफाली शाह), जो अपनी बेटी के घर के पड़ोस में रहती है, उसे बेटी के शरीर पर जख्म देखकर तकलीफ होती है. शमशू बदरू से कहती है कि या तो वो हमजा को छोड़ दे या फिर उसे जान से मार दे, पर बदरू तो पति से बहुत प्यार करती है. इसलिए वो ऐसा कर नहीं पाती. लेकिन फिर...

बदरू और हमजा की जिंदगी नया मोड़ लेती है, जब जुल्फी (रोशन मैथ्यू) बदरू को रोज पिटता देखकर एक दिन पुलिस में हमजा की शिकायत कर देता है. जुल्फी बदरू की मां शमशू के घर पुराना सामान बेचने आता है और दोनों से कनेक्ट हो जाता है. बदरू को परेशान देखकर वो पुलिस को हमजा की हरकत के बारे में बता देता है. पुलिस बदरू और शमशू को बुलाकर पूछती है कि क्या हमजा पीटता है, तो बदरू अपना दिल पक्का करके पुलिस में उसकी शिकायत कर देती है. लेकिन हवालात में खुद को बंद होता देखकर हमजा इमोशनल बातें करके बदरू का मांइड चेंज कर देता है. बदरू भी हमजा की बातों में आकर अपनी शिकायत वापस ले लेती है और दोनों नई शुरुआत करके घर चले जाते हैं और फिर जन्म लेता है बदरू का नया रूप...

हमजा को कुछ दिन बाद पता चलता है कि शराब पीने की वजह से उसका लिवर डैमेज हो गया है. हमजा घर जाता है तो बदरू उसे अपने प्रेग्नेंट होने की गुड न्यूज देती है. दोनों फिर खुशी-खुशी साथ रहते हैं. लेकिन फिर एक दिन हमजा को पता चल जाता है कि उसकी पुलिस में शिकायत जुल्फी ने की थी. हमजा ये जानकर आग बबूला होकर घर आता है और बदरू पर जुल्फी के साथ ना-जायज रिश्ते में होने का आरोप लगाता है. अपनी प्रेग्नेंट वाइफ को हमजा गुस्से में बेरहमी से पीटता है और सीढ़ियों से धक्का देकर नीचें फेंक देता है. 

बदरू अपना बच्चा खो देती है और सुसाइड करने के बारे में सोचती है. लेकिन तभी उसका इरादा बदल जाता है और वो हमजा को सबक सिखाने की ठान लेती है. यहीं से शुरू होती है असली कहानी.

इसलिए खास है डार्लिंग्स...

डार्लिंग्स फिल्म की कहानी आम है, लेकिन फिर भी ये खास है. खास इसलिए है, क्योंकि घरेलू हिंसा पर आपने कई फिल्में और वेब सीरीज देखी होंगी. लेकिन फिर भी डार्लिंग्स आपको खुद से अंत तक बांधकर रखती है. इसका पूरा क्रेडिट जाता है आलिया भट्ट को. आलिया भट्ट ने जिस तरह बदरू के किरदार में खुद को ढाला है, वो बिल्कुल सच्चा लगता है और दिल को छू जाता है. एक डरपोक, सहमी हुई बीवी से निडर, बेखौफ और दबंग डार्लिंग्स बनने का सफर आलिया ने जिस तरह तय किया है, वो काबिल-ए-तारीफ है. आलिया की एक्टिंग कमाल है. आलिया भट्ट ने डार्लिंग्स से एक नया बार सेट कर दिया है. उनकी प्रेजेंटेशन, डायलॉग डिलीवरी फायर है फायर. 

शेफाली शाह ने भी आलिया का जिस तरह साथ दिया है उसके हम दीवाने हो गए. मां-बेटी की जोड़ी ने फिल्म का पूरा दारोमदार अपने कंधों पर ले लिया. दोनों की ट्यूनिंग देखकर आपको खूब मजा आने वाला है. फैमिली ड्रामा फिल्म में आलिया और शेफाली की डार्क कॉमेडी आपको खूब एंटरटेन करेगी. एक पॉइंट पर आप भी उनके किरदारों में खो जाएंगे. 

फिल्म का हर एक किरदार बेहतरीन है. सभी ने कमाल का काम किया है. विजय वर्मा, रौशन मैथ्यू, किरण करमारकर हर एक ने अपने रोल को जस्टिफाई किया है. वीकेंड पर आलिया की डार्लिंग्स को मिस करना बड़ी भूल होगी. इसलिए अपने बिजी शेड्यूल से समय निकालकर डार्लिंग्स देखना मत भूलिएगा.

अरे...अरे...रुकिए एक खास बात तो रह गई...जुल्फी को बदरू से नहीं, बल्कि बदरू की मां शमशू से प्यार है. कहानी का ये ट्विस्ट जानने के लिए जरूर देखें डार्लिंग्स, तभी तो मजा आएगा.

 

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