फिल्म का नाम: 'इनसीडियस: चैप्टर 3'
रेटिंगः 3 स्टार
कलाकारः डरमॉट मलरॉनी, स्टेफनी स्कॉट और लिन शेय
डायरेक्टरः ली व्हनाल
'इनसीडियस' सीरीज की यह तीसरी फिल्म है और इससे पहले आई दोनों फिल्मों को हॉरर फिल्म प्रेमियों ने काफी पसंद किया है. राइटर ली व्हनाल (इनसिडियस 1,2 और सॉ सीरीज के राइटर) की बतौर डायरेक्टर यह पहली फिल्म है और उन्होंने फिल्म में खामोशी और हॉरर का अच्छा इस्तेमाल किया है. उन्होंने ऐसे कई सिक्वेंस फिल्म में रखे हैं, जो आपको डराते हैं. बहुत कुछ नया नहीं होने की वजह से फिल्म गहरे तक नहीं उतरती है और सिर्फ ऊपर ही ऊपर डराने का काम करती है. भूत कही जाने वाली दुष्ट आत्माएं भी कुछ-कुछ जानी पहचानी लगती है.
फिल्म की कहानी थोड़े पीछे से शुरू होती है और यह पहली दो फिल्मों का प्रीक्वल है. कहानी एक अपार्टमेंट की है जहां स्टेफनी स्कॉट अपने पिता डरमॉट मलरॉनी के साथ रहती है. वह अपनी मृत मां से संपर्क साधने की कोशिश करती है. लेकिन उसकी यह कवायद उलटी पड़ जाती है. मां की जगह दुष्ट आत्मा से संपर्क हो जाता है और वह आ जाती है. इस दुष्ट आत्मा को 'द मैन हू कांट ब्रीद' कहा जाता है. बस, यहीं से स्टेफनी के जीवन में उथल-पुथल शुरू हो जाती है. आत्मा उस पर हावी होने लगती है. उसे चोट पहुंचाने की कोशिश करती है. इसके बाद एंट्री होती है दूसरी दुनिया की ताकतों से संपर्क रखने वाली लिन शेय की, जो स्टेफनी और उसके पिता को इससे निजात दिलाने की जुगत में जुटती है.
71 साल की लिन शेय पहले पार्ट से ही दुष्ट आत्माओं से लड़ने का काम करती आ रही हैं और इस पार्ट में भी वे जबरदस्त हैं. उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि वाकई अब वे दुष्ट आत्माओं की छुट्टी कर देंगी. क्विन और फिल्म के बाकी सितारे अपने रोल में ठीक हैं, लेकिन शेय लाजवाब है. फिल्म का संदेश है कि अपने आप में यकीन करो तो अच्छे-अच्छों के छक्के छुड़ाए जा सकते हैं फिर चाहे वह आत्माएं ही क्यों न हो. जिन्हें हॉलीवुड की हॉरर फिल्में पसंद है, उनके लिए इस वीकेंड अच्छा टाइमपास है.