विवेक ओबेरॉय इंडस्ट्री के बेहतरीन एक्टर्स में शुमार किए जाते हैं. उन्होंने अपने करियर में कई हिट फिल्मों में काम किया है. मगर उन्हें इंडस्ट्री में वो नाम और फेम नहीं मिला, जिसकी हर कलाकार को चाहत होती है. उनके फिल्मी करियर ने एक समय पर बैकसीट ले ली थी. एक्टिंग करियर में उतार-चढ़ाव देखने के बाद विवेक ओबेरॉय ने बिजनेस का रुख कर लिया था. अब विवेक के फिटनेस ट्रेनर ने खुलासा किया है कि आखिर उन्होंने फिल्मों में काम करना कम क्यों कर दिया था?
विवेक ने फिल्मों से क्यों बना ली थी दूरी?
विवेक ओबेरॉय को एक समय पर विनोद चन्ना ट्रेन करते थे. अब उन्होंने लेटेस्ट इंटरव्यू में बताया है कि एक्टर का खतरनाक एक्सीडेंट हो गया था, जिसकी वजह से उन्होंने फिल्में करनी कम कर दी थीं.
हिंदी रश संग बातचीत में विनोद चन्ना ने कहा- उनका एक बहुत बुरा एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उन्हें काफी चोटें आई थीं. इंडस्ट्री से उनके दूर जाने की एक बड़ी वजह यही थी. अक्सर लोगों को लगता है कि उन्होंने डिप्रेशन के कारण काम छोड़ा, लेकिन यह पूरा सच नहीं है. एक्सीडेंट में लगी चोटों की वजह से भी उन्हें इंडस्ट्री से दूर रहने का फैसला लेना पड़ा था.
एक्टिंग से हटकर विवेक के बिजनेस स्किल्स की तारीफ करते हुए विनोद ने कहा- वो बहुत ही टैलेंटेड इंसान हैं. वो बेहतरीन बिजनेस टाइकून हैं. उनके बिजनेस मैनेजमेंट स्किल्स ने मुझे दंग कर दिया था. उन्हें MBA के लोग लेक्चर के लिए बुलाते हैं. उनके पास एक अलग ही लेवल का टैलेंट है.
जब एक्सीडेंट पर विवेक ने तोड़ी थी चुप्पी
बता दें कि विवेक ओबेरॉय ने मैशेबल इंडिया संग एक पुराने इंटरव्यू में अपने एक्सीडेंट के बारे में जानकारी दी थी. उन्होंने बताया था कि उनका एक्सीडेंट साल 2002 में फिल्म 'रोड' की शूटिंग के दौरान हुआ था. एक्टर ने कहा था- मैं 'रोड' के लिए राजस्थान में शूटिंग कर रहा था. हम बीकानेर से जैसलमेर जा रहे थे. सड़कें सुंदर थीं, ड्राइव भी बहुत अच्छी थी, लेकिन रात का समय था. मैंने ड्राइवर को कम से कम 15 से 20 बार धीरे चलने के लिए कहा था. 'रात है, तो विजिबिलिटी कम है, गाड़ी धीरे चलाओ.' मैं फ्रंट सीट पर बैठा था. मगर उस हादसे के बाद से मैं कभी फ्रंट सीट पर नहीं बैठा.
एक्टर ने आगे बताया था- मैंने अपनी सीट पीछे की तरफ झुका रखी थी और तभी अचानक एक बहुत बड़ा क्रैश हुआ, एक जोरदार आवाज आई. सड़क पर अचानक एक ऊंटगाड़ी आ गई, जिसमें लोहे की रॉड लदी हुई थीं. रॉड ने विंडशील्ड को तोड़ दिया था, और अगर मेरी सीट सीधी होती, तो वो रॉड मेरे शरीर के आर-पार हो जातीं. मैं कार से बाहर नहीं निकल पा रहा था, क्योंकि रॉड मेरे ठीक ऊपर थीं. लेकिन मैं सुरक्षित बच गया. लगभग मरते-मरते बच गया था. उसके बाद, मैंने रात में कभी ट्रैवल ना करने का फैसला किया था.
विवेक ओबेरॉय की बात करें तो उन्होंने फिल्म 'कंपनी' से अपना एक्टिंग डेब्यू किया था. वो 'साथिया', 'दम', 'मस्ती', 'ओमकारा', 'मस्ती 4' समेत कई शानदार फिल्मो में अपनी दमदार एक्टिंग से फैंस को इंप्रेस कर चुके हैं. उनकी कुछ फिल्में पाइपलाइन में भी हैं.