बॉलीवुड सिंगर और स्टेज परफॉर्मर कैलाश खेर अपने लाइव कॉन्सर्ट्स के लिए पहचाने जाते हैं. इसी सिलसिले में आए दिन कैलाश शहर दर शहर, देश-विदेश घूमते रहते हैं. पिछले दिनों कैलाश अपनी परफॉर्मेंस के लिए कनार्टक स्टेट के हम्पी महोत्सव में पहुचे थे. ऐसी खबर चली कि परफॉर्मेंस के दौरान कैलाश पर भीड़ में मौजूद दो अनजान शख्स ने बोतल फेंक कर हमला किया है. अब इसके पीछे का सच क्या है, खुद कैलाश हमसे इस पर बातचीत करते हैं.
आजतक डॉट इन से बातचीत के दौरान कैलाश ने बताया, सच कहूं, तो मुझे इसके बारे में बाद में पता लगा. दरअसल जब मीडिया में ये खबर आने लगी, तो मैंने अपनी टीम से यह पूछा कि कुछ हुआ था क्या? मेरी टीम ने बताया कि लोगों ने खाली पानी की बोतल स्टेज पर फेंकी थी. बॉटल मुझपर तो फेंकी ही नहीं गई थी.अब कहीं भी परफॉर्मेंस के लिए जाएं, तो ऐसे कुछ लोग मिलते ही हैं. मुझे तो पता भी नहीं चला था कि ऐसा कुछ हुआ है. हालांकि कर्नाटक की पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए उन लोगों को पकड़ लिया था. मुझे तो कुछ आइडिया भी नहीं था.
मीडिया में आए खबरों के अनुसार फैंस कैलाश के कन्नड़ सॉन्ग न गाने पर नाराज हो गए थे. इसी वजह से बवाल हुआ था. इस पर कैलाश कहते हैं, नहीं.. नहीं.. ये सब बेकार की अफवाह उड़ी है. मेरे कन्नड़ गानों पर कितना लोग नाचे हैं. एक लाख का क्राउड था, वहां मैंने कन्नड़, हिंदी, तेलूगू सभी लैंग्वेज में गाना गाया है. लोग तो मेरे गानों पर झूम रहे थे. मुझे लगता है कि एक्साइटमेंट में ऐसी कोई गड़बड़ हुई होगी.
सिक्यॉरिटी के इंतजाम पर कैलाश कहते हैं, मेरी खुद की टीम हमेशा अलर्ट मोड में होती है. उनका मैनेजमेंट बहुत स्ट्रॉन्ग है. दूसरी बात कर्नाटक की पुलिस ने भी पूरा सपोर्ट किया था. उन्होंने हमारी सिक्यॉरिटी के आगे तीन लेयर रखी थी. यह वाकई काबिल ए तारीफ है कि हमारे देश में आर्टिस्ट को इतना सपोर्ट मिलता है. खासकर सेलिब्रिटीज के लिए इस तरह की सिक्यॉरिटी की जरूरत है. क्योंकि क्राउड का कोई अंदाजा नहीं है कि कौन कितना एक्साइटेड होकर कुछ कर गुजर जाए. कई बार फैंस तो खुद को ही चोट लगा बैठते हैं.
कैलाश अपने स्टेज परफॉर्मेंस के लिए पहचाने जाते हैं. इससे पहले कभी उन्हें परफॉर्मेंस के दौरान ऐसी दिक्कतों का सामने करना पड़ा है. इसके जवाब में कैलाश कहते हैं, ऐसे किस्से तो आए दिन होती रहती हैं. मुझे याद है कि एक बार मैं परफॉर्म कर रहा था, उस वक्त एक इंसान स्टेज पर आ गया. वो पूरी तरह ड्रंक था. पहले तो उसने मेरे पैर छूए, फिर अचानक से मेरे गाने के बीच में ही मुझे जबरदस्ती हग करने लगा. इस बीच पुलिस ने उसे पकड़कर स्टेज से उतारा.
एक आर्टिस्ट के तौर पर कितना रिस्की महसूस करते हैं. इसके जवाब में कैलाश कहते हैं, थोड़ा रिस्क होता ही है. लोग पब्लिक फिगर को देख एक्साइटेड हो जाते हैं. रिएक्ट करने के सबके अपने तरीके होते हैं. ऐसे में कई बार रिस्की हो सकता है. मैं तो कहूंगा कि गर्वनमेंट को इस बात पर तवज्जों देना चाहिए कि जो भी परफॉर्मेंस बेस्ड पब्लिक स्पेस हैं. वहां आर्टिस्ट के लिए एक कॉर्नर तो जरूर होना चाहिए, ताकि वो भीड़ बेकाबू होता देख खुद की सुरक्षा के लिए वहां जा सके.