भारतीय संगीत जगत में जब मुधर आवाजों का जिक्र होता है तो इसमें शान का नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है. नई जनरेशन की सबसे मीठी आवाज शान को वॉइस ऑफ मिलॉडी, गोल्डन वॉइस ऑफ इंडिया, वॉइस ऑफ पैराडाइस, मैजिशियन ऑफ मिलॉडी और वॉइस ऑफ यूथ के नाम से भी जाना जाता है. सिंगर ने अपने करियर में कई सारे सुपरहिट गाने गाए और देश का नाम रोशन किया. सिंगर के 48वें जन्मदिन पर आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ रोचक बातें.
शान का पूरा नाम शांतनु मुखर्जी है और उनका जन्म मध्यप्रदेश के खांडवा में हुआ था. उनके दादा एक गीतकार थे और उनके पिता मानस मुखर्जी एक म्यूजिक डायरेक्टर थे. शान की बहन भी सिंगर थीं और अपनी बहन की तरह ही शान ने भी सिंगिंग में अपना करियर बनाने की ठानी. जब शान 13 साल के थे तब उनके पापा का निधन हो गया था इसके बाद शान की मां ने सारे घर को संभाला. साल 1989 में शान जब 17 साल के थे तब उन्होंने फिल्मों में अपना पहला गाना गाया. हालांकि उन्होंने गाने में सिर्फ एक लाइन ही गाई. फिल्मों में गाने से पहले शान एडवरटाजमेंट्स में जिंगल गाया करते थे.
शान की बहन फिल्मों में पहले से गाने गाती थीं. अपनी बहन की वजह से ही शान को भी फिल्मों में गाना गाने का मौका मिला. शान ने इसे अच्छी तरह से भुनाया. इसके अलावा उन्होंने शुरुआती करियर के दौरान रूप तेरा मस्ताना, तनहा दिल और अक्सर जैसे एल्बम्स में भी काम किया. फिल्मों की बात करें तो उन्होंने सैफ अली खान, सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान, अजय देवगन, अक्षय कुमार, संजय दत्त और विवेक ओबेरॉय जैसे बड़े स्टारे से लिए गाने गाए.
शान ने इन फिल्मों में गाए गाने
उन्होंने प्यार में कभी कभी, राजू चाचा, दिल चाहता है, रहना है तेरे दिल में, यमराज हंगामा, कांटे, परिणिता, साथिया मुन्नाभाई एमबीबीएस, तेरे नाम, मुसाफिर, जब वी मेट, हे बेबी, वांटेड, गोलमाल 3, सिंह इस ब्लिंग, साहब बीवी और गैंग्सटर 3, अंग्रेजी में कहते हैं, टोटल धमाल और बागी 3 जैसी फिल्मों में गाने गाए. सिंगर ने हिंदी के अलावा बंगाली, मराठी, तेलुगु, उर्दु और अंग्रेजी में भी गाने गाए. सिंगर 2 दशक से फिल्मों में सक्रिय हैं और अभी भी वे सिंगिंग में खुद को एक्स्प्लोर करना पसंद करते हैं.