बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के पिता लेजेंडरी स्क्रीनप्ले राइटर सलीम खान इन दिनों अस्पताल में भर्ती हैं. जानकारी के मुताबिक, उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ है. सलीम खान पिछले दो दिनों से अस्पताल में हैं. उनके जल्द ठीक होने की हर कोई प्रार्थना कर रहा है. इस बीच उनका एक पुराना इंटरव्यू काफी वायरल हो रहा है, जिसमें वो अपने प्रोफेशनल ब्रेक पर बात कर रहे हैं. ये तब की बात है, जब सलीम खान और जावेद अख्तर की जोड़ी अचानक टूट गई थी.
जब जावेद अख्तर से अलग हुए सलीम खान
हिंदी सिनेमा की आइकॉनिक जोड़ियों में सलीम-जावेद की जोड़ी भी शामिल है. दोनों ने एक साथ 24 फिल्मों का स्क्रीनप्ले लिखा, जिसमें से 22 फिल्में सुपरहिट रहीं. 'शोले', 'दीवार', 'सीता-गीता', 'जंजीर', 'डॉन' जैसी दमदार फिल्में लिख चुके सलीम-जावेद बॉलीवुड में एक समय पर सबसे ज्यादा पैसा कमाने वाले राइटर थे.
मगर करीब 10 साल तक साथ काम करने के बाद, जब उन्होंने अपनी पार्टनरशिप खत्म करने का ऐलान किया तो मानो आपदा सी आ गई. उनका अलग होना कई फिल्ममेकर्स के लिए बुरी खबर थी. 1982 के बाद दोनों राइटर्स सलीम और जावेद अपना अलग-अलग काम करने लगे. जहां जावेद अख्तर फिल्मों के साथ-साथ संगीत लिखने लगे.
वहीं सलीम खान को अपनी अगली फिल्म लिखने में चार साल का समय लग गया. उनकी अगली फिल्म 'नाम' 1986 में आई, जिससे उन्हें बड़ी सफलता मिली. इस फिल्म की सक्सेस के बाद सलीम खान ने एक इंटरव्यू में जावेद अख्तर संग अपनी पार्टनरशिप खत्म होने पर भी बात की थी. उन्होंने बताया था कि कैसे इस जोड़ी का टूटना उनके लिए पर्सनली और प्रोफेशनली काफी मुश्किल काम था.
ब्रेक के चार साल बाद लौटने पर क्या बोले थे सलीम खान?
सलीम खान ने ट्रेड एनालिस्ट कोमल नाहटा से कहा था, 'मेरी पर्सनैलिटी में ही कुछ कमी रही होगी, क्योंकि बहुत सारे लोगों को लगता था कि जावेद साहब ही ज्यादातर चीजें लिखते थे. इसलिए मेरे लिए खुद को साबित करना बहुत जरूरी हो गया. इंडस्ट्री के लोग भी मुझसे पूछते थे कि तुम दोनों में से कौन लिखता था? हम दोनों मिलकर आइडिया देते थे और स्क्रिप्ट लिखते थे.'
'जिन्हें जावेद अख्तर पसंद नहीं थे, वो कहते थे कि मैं स्क्रिप्ट लिखता था. और जिन्हें मैं पसंद नहीं था, वो कहते थे कि जावेद साहब ही सब लिखते थे. इसके अलावा, मैंने बहुत सी फिल्में छोड़ दीं, तो लोग मुझे कोसते थे कि मैं डर जाता हूं, हिम्मत नहीं करता. इसलिए मेरे लिए नाम फिल्म की सफलता बहुत जरूरी थी.'
क्यों बड़े पर्दे पर अपना नाम देखकर इमोशनल हुए थे सलीम खान?
सलीम खान ने आगे उस पल का भी जिक्र किया, जब वो अपनी फिल्म 'नाम' के क्रेडिट में सिर्फ खुद के नाम को देखकर इमोशनल हो गए थे. क्योंकि इससे पहले उनका और जावेद अख्तर का नाम एक ही साथ लिया जाता था. लेजेंडरी राइटर ने कहा था, 'चार साल बाद जब स्क्रीन पर मेरा नाम अकेला दिखा कि कहानी, स्क्रीनप्ले और संवाद सलीम खान, तो मेरी आंखों में आंसू आ गए. मैं स्क्रीन की तरफ देख भी नहीं पाया. चार साल बाद पहली बार मेरा नाम अकेला स्क्रीन पर आया था.'
सलीम खान ने इसी बातचीत में ये भी बताया कि जब वो और जावेद अख्तर अलग हुए, तब उनके करियर में किस तरह का बदलाव आया. राइटर ने कहा, 'पहले के समय में हमारी फिल्में जैसे शोले, दीवार, त्रिशूल सब सुपरहिट हो रही थीं. लगातार लगभग 10 फिल्में हिट हो गईं एक के बाद एक. उस वक्त शाम को जब मैं ड्रिंक ले रहा होता था, तो फोन का रिसीवर उतार कर रखना पड़ता था, क्योंकि इतने सारे कॉल्स आते थे कि रुकते ही नहीं थे. लेकिन जब मैं और जावेद अख्तर अलग हो गए, उसके बाद के चार सालों में जब मुझे कोई काम नहीं मिल रहा था, तो मैं फोन उठाता था सिर्फ ये देखने के लिए कि फोन काम कर रहा है या नहीं.'