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'ब्लैक' के लिए नेशनल अवॉर्ड न मिलने पर टूटा माता-पिता का दिल, रानी मुखर्जी बोलीं- समझ आ गया था...

30 साल पूरे होने पर रानी मुखर्जी ने ‘ब्लैक’ के लिए नेशनल अवॉर्ड न मिलने का दर्द साझा किया. जानिए क्या कहा एक्ट्रेस ने माता-पिता, संघर्ष और अवॉर्ड्स को लेकर.

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रानी मुखर्जी को हुआ था दुख (Photo: PTI)
रानी मुखर्जी को हुआ था दुख (Photo: PTI)

बॉलीवुड एक्टर्स रानी मुखर्जी ने इस साल सिनेमा में अपने 30 साल पूरे कर लिए हैं. इस खास मौके पर उन्होंने फिल्ममेकर करण जौहर के साथ बातचीत की. इस दौरान रानी ने खुलासा किया कि फिल्म ‘ब्लैक’ के लिए नेशनल अवॉर्ड न मिलने से उन्हें गहरा दुख हुआ था, जबकि उसी फिल्म के लिए अमिताभ बच्चन और डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को सम्मान मिला था.

‘ब्लैक’ के लिए नेशनल अवॉर्ड न मिलने का दर्द

रानी ने कहा- इससे मेरे पापा का दिल टूट गया, मेरी मम्मी का भी. मैंने बहुत छोटी उम्र से अपनी जिंदगी और करियर को जिम्मेदारी से जिया है. मैं एक्टर इसलिए बनी क्योंकि मेरी मम्मी चाहती थीं. मुझे लगा कि अपने काम के जरिए मैं अपने माता-पिता को बेहतर जिंदगी दे सकती हूं और उन्हें खुश देख सकती हूं. कुछ सालों तक यही मेरा सपना रहा और इसी वजह से मैं लगातार फिल्मों में काम करती रही.

उन्होंने बताया कि फैन मेल के जरिए उन्हें समझ आया कि दर्शकों को उनके काम पर भरोसा है और अब उनकी जिम्मेदारी है कि वह बेहतर किरदार, अच्छी फिल्में और दमदार परफॉर्मेंस दें. रानी ने कहा कि उनका मकसद दर्शकों को खुश रखना और अपने डायरेक्टर्स व फिल्मों के लिए अपना बेस्ट देना बन गया था, चाहे उन्हें अवॉर्ड मिले या न मिले.

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अवॉर्ड न मिलने से दुख हुआ, लेकिन सीख भी मिली

रानी ने माना कि नेशनल अवॉर्ड न मिलना उन्हें बुरा लगा था, लेकिन बाद में उन्हें समझ आया कि यह उनके लिए किसी तरह से अच्छा ही रहा. 

उन्होंने कहा- मेरा मकसद कभी सिर्फ अवॉर्ड जीतना नहीं था. अवॉर्ड पूरे टीम के काम की पहचान होता है. जब किसी को सम्मान मिलता है तो टीम और दर्शक दोनों खुश होते हैं. अवॉर्ड न मिलना दुख देता है, लेकिन इससे मुझे बहुत जल्दी यह समझ आ गया कि कभी-कभी आप अपना सबसे अच्छा काम करने के बावजूद भी सराहना नहीं पा सकते. हो सकता है किसी और की परफॉर्मेंस आपसे बेहतर हो. ऐसे में बस मेहनत करते रहना चाहिए.

मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे के लिए मिला सम्मान

साल 2005 में आई फिल्म ‘ब्लैक’ को 53वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में हिंदी की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का अवॉर्ड मिला था, जबकि अमिताभ बच्चन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का नेशनल अवॉर्ड मिला. फिल्म में आयशा कपूर, शर्नाज पटेल और धृतिमान चटर्जी भी अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म को क्रिटिक्स और दर्शकों दोनों से खूब सराहना मिली थी.

रानी मुखर्जी को आखिरकार 20 साल बाद 2025 में फिल्म ‘Mrs Chatterjee vs Norway’ के लिए अपना पहला नेशनल अवॉर्ड मिला.

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रानी मुखर्जी इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘मर्दानी 3’ की रिलीज का इंतजार कर रही हैं. अभिराज मिनवाला के निर्देशन में बनी इस फिल्म में जनकी बोड़ीवाला और मल्लिका प्रसाद भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी. यह फिल्म 30 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

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