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कौन हैं Srikanth Bolla? जिनकी बायोपिक करने जा रहे हैं Rajkummar Rao

अपनी मेहनत और एक्टिंग से कामयाबी की नई किताब लिखने वाले राजकुमार ने श्रीकांत बोला की बायोपिक के लिये हांमी भर दी है. हांलाकि, आप में से कई लोग होंगे, जिन्होंने श्रीकांत बोला का नाम पहली बार सुना होगा. असल में श्रीकांत बोला एक पॉपुलर नेत्रहीन बिजनेसमैन हैं.

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श्रीकांत बोला, राजकुमार राव
श्रीकांत बोला, राजकुमार राव
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कौन हैं श्रीकांत बोला?
  • श्रीकांत बोला की बायोपिक में राजकुमार राव
  • राजकुमार अपने रोल के साथ करेंगे न्याय!

आज कल बॉलीवुड में बायोपिक का दौर है. कभी राजनीति पर बायोपिक बनती है, तो कभी क्रिकेट पर. कई बार बॉलीवुड खुद बॉलीवुड स्टार्स पर बायोपिक बना देता है. बायोपिक के इस दौर में राजकुमार राव भी एक बायोपिक करने जा रहे हैं. शाहिद, न्यूटन और ओमेर्टा जैसी फिल्मों अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाले राजकुमार पर्दे पर श्रीकांत बोला का रोल निभाते दिखेंगे. चलिये जानते हैं कि आखिर कौन हैं ये श्रीकांत बोला जिसकी बायोपिक में काम करने जा रहे हैं राजकुमार राव. 

कौन हैं श्रीकांत बोला?
अपनी मेहनत और एक्टिंग से कामयाबी की नई किताब लिखने वाले राजकुमार ने श्रीकांत बोला की बायोपिक के लिये हांमी भर दी है. हालांकी, आप में से कई लोग होंगे, जिन्होंने श्रीकांत बोला का नाम पहली बार सुना होगा. असल में श्रीकांत बोला एक पॉपुलर नेत्रहीन बिजनेसमैन हैं. जिन्होंने अपने जीवन में कई कठिनाईयों को पार कर ये साबित कर दिया कि दुनिया में नामुमकिन कुछ भी नहीं. 

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श्रीकांत बोला के पैदा होते ही लोगों ने उनके गरीब मां-बाप को उन्हें अनाथ आश्रम में छोड़ने की सलाह दी. बच्चा चाहे कैसा भी हो किसी भी मां-बाप के लिये ये करना आसान नहीं है. इसलिये श्रीकांत के गरीब माता-पिता ने भी उन्हें पढ़ाने का फैसला किया. नेत्रहीन होने की वजह से उनकी पढ़ाई में काफी अड़चने आईं. पर उन्होंने भी साम-दाम, दंड-भेद सब कुछ अपना अपनी पढ़ाई पूरी की. इसके साथ ही बन गये MIT से पास आउट होने वाले फर्स्ट इंटरनेशल नेत्रहीन छात्र. 

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शुरू किया अपना व्यापार 
नेत्रहीन होने के बाद श्रीकांत लगातार आगे बढने के सपने देखते रहे. इसलिये वो 2012 में हिंदुस्तान वापस लौट आये और Bollant Industries की शुरूआत की. वो कहते हैं न कि जब शिद्दत से किसी चीज को चाहो, तो पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने में लग जाती है. एक वक्त आया जब रतन टाटा साहब ने श्रीकांत बोला के व्यापार में इंवेस्ट करने का फैसला लिया. श्रीकांत बोला की कंपनी इको फ्रेंडली पैकेजिंग आइटम बनाती है. अपने काम के दम पर श्रीकांत का नाम फोर्ब्स की 30 अंडर 30 एशिया की लिस्ट में भी शामिल किया जा चुका है. 

नेत्रहीन होने के बावजूद श्रीकांत बोला ने जो कर दिखाया वो सच में सरहानीय है. अगर कभी कठ‍िनाइयों से हिम्मत हारना, तो एक बार श्रीकांत बोला के बारे में जरूर सोचना. उम्मीद है कि राजकुमार राव हमेशा की तरह अपने इस किरदार के साथ भी न्याय करते नजर आयेंगे. 

 

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