प्रीति जिंटा अपनी बेबाकी के लिए जानी जाती हैं. हाल ही में X पर उनकी बातचीत इसका एक और उदाहरण देती दिखी. पंजाब किंग्स के शानदार प्रदर्शन का जश्न मनाते हुए उन्होंने एक यूजर की उस टिप्पणी का जवाब दिया, जिसमें उन्हें 'ट्रॉफी' कहा गया था. प्रीति ने साफ कहा कि महिलाओं के लिए ऐसे शब्द ठीक नहीं होते.
‘ट्रॉफी’ कहे जाने पर प्रीति का जवाब
Q&A सेशन के दौरान एक यूजर ने उन्हें ट्रॉफी बताते हुए कहा कि आपने इससे स्वीट कोई बात सुनी है कि आप ही जीत की ट्रॉफी हो. इस पर प्रीति ने थोड़ी नाराजगी जताई, और मजाकिया अंदाज में जवाब दिया.
प्रीति ने कहा- थैंक यू, ये बहुत प्यारा है, लेकिन सच कहूं तो कोई भी महिला ट्रॉफी नहीं बनना चाहती. ट्रॉफी किसी की होती है, लेकिन महिलाएं किसी की संपत्ति नहीं होतीं. ट्रॉफी को शोकेस में रखा जाता है, लेकिन एक महिला की जगह आपकी जिंदगी और दिल में होती है.
इस बातचीत के दौरान प्रीति ने अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में भी बात की. फिल्म लाहौर 1947 को लेकर उन्होंने कहा कि वो हमेशा से एक पीरियड फिल्म करना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने इसे साइन किया. उन्होंने बताया कि इसमें उनके पसंदीदा डायरेक्टर राज कुमार संतोषी हैं और सनी देओल के साथ काम करना हमेशा अच्छा लगता है. ये फिल्म बंटवारे और नफरत के दौर में पनपी एक प्रेम कहानी को दिखाती है.
प्रीति ने अपनी दूसरी फिल्म वाइब के बारे में बताया कि ये एक हल्की-फुल्की और मजेदार फिल्म है, जिसे लाहौर 1947 की गंभीरता के बाद करना अच्छा लगा. उन्होंने कहा कि दोनों फिल्में इसी साल रिलीज हो सकती हैं.
इसके अलावा, प्रीति ने श्रेयस अय्यर की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि वो एक प्रेरणादायक और समझदार लीडर हैं, जो उदाहरण बनकर टीम को आगे बढ़ाते हैं. साथ ही उन्होंने मजाक में बताया कि उनके बच्चे श्रेयस को श्रेयस भैया कहकर बुलाते हैं.