एक्टर पंकज त्रिपाठी के फिल्मी करियर का लंबा वक्त गुजर चुका है. उन्होंने कई सारी फिल्मों में काम भी कर लिया है और उनकी एक्टिंग अब किसी परिचय की मोहताज भी नहीं रह गई है. लेकिन एक्टर को सफलता बीते कुछ सालों में ही मिली है. जब से डिजिटल का ट्रेंड बढ़ा है और ओटीटी पर कंटेंट बढ़ता दिख रहा है, तभी से पंकज त्रिपाठी जैसे सितारों की किस्मत भी चमकने लगी है.
पंकज त्रिपाठी का फिल्मी करियर
अब पंकज त्रिपाठी भी इस बात से सहमत नजर आते हैं. उनकी नजरों में डिजिटल दुनिया ने उनका करियर हमेशा के लिए बदलकर रख दिया है. अब उन्हें उनके काम के लिए सम्मान भी मिलता है और फिल्म पोस्टर में बतौर लीड एक्टर जगह भी. एक्टर के लिए फिल्म पोस्टर में जगह बनाना भी काफी बड़ी बात है. पंकज की नजरों में पहले मेकर्स उन्हें फिल्म पोस्टर में नहीं लिया करते थे, लेकिन ओटीटी ने ये ट्रेंड बदल दिया है.
इस बारे में एक न्यूज पोर्टल को दिए इंटरव्यू में पंकज कहते हैं- मैं कई सालों से हिंदी फिल्में कर रहा हूं लेकिन मुझे कभी भी किसी पोस्टर में जगह नहीं मिली. ओटीटी ने वो कर दिखाया है. यहां मेकर्स को मेरे टैलेंट को लेकर दो बार भी नहीं सोचना पड़ता है और वे तुरंत पोस्टर में मेरी फोटो लगा देते हैं.
ओटीटी ने कैसे बदली किस्मत?
पकंज ये भी मानते हैं जब ओटीटी का ट्रेंड शुरू हुआ था, उस समय ज्यादा स्टार्स मौजूद नहीं थे. ऐसे में मेकर्स ने टैलेंटेड और काबिल अभिनेताओं को स्टार बना दिया. अब एक्टर की कही हर बात एकदम सटीक साबित हो रही है. इस समय ओटीटी की दुनिया में पकंज त्रिपाठी का सिक्का चल रहा है. मिर्जापुर से लेकर क्रिमिनल जस्टिस तक, उनकी हर सीरीज शानदार परफॉर्म कर रही है. वहीं हाल ही में रिलीज हुई उनकी फिल्म कागज भी क्रिटिक्स और दर्शकों को काफी पसंद आई. फिल्म का निर्देशन सतीश कौशिक ने किया.