'चलो बुलावा आया है' और 'ओ जंगल के राजा मेरी मैया को लेके आजा' जैसे भजन गायक लोगों भक्ति विभूत करने वाले भजन सम्राट नरेंद्र चंचल का 80 साल की उम्र में निधन हो गया है. नरेंद्र काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. पिछले तीन दिनों से उनका इलाज दिल्ली के अपोलो अस्पताल में चल रहा था. उन्होंने आज दोपहर अपने सर्वप्रिय विहार स्थित घर में अंतिम सांस ली.
कोरोना पर गाया था आखिरी भजन
नरेंद्र चंचल के निधन की खबर आने के बाद बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है. फैंस और स्टार्स उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. नरेंद्र चंचल वह नाम, जिन्होंने माता के जगराते को अलग दिशा दी थी. उनके गाने आज भी हर जगराते में सुने जाते हैं. उम्र के साथ-साथ उन्होंने अपने भजन गायन में काफी एक्सपेरीमेंट किए थे. यहां तक कि कोरोना वायरस महामारी के भारत आने के बाद उन्होंने इसपर भी भजन गाया था. अफसोस यही उनका आखिरी भजन था.
कोरोना वायरस की शुरुआत में नरेंद्र चंचल ने कित्थों आया कोरोना भजन को गाया था. इसके बोल थे डेंगू भी आया, स्वाइन फ्लू भी आया, चिकनगुनिया ने शोर मचाया, अब रे की की होने, कित्थों आया कोरोना. यहां भजन उस समय काफी वायरल हुआ था. नरेंद्र चंचल का यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आया था. कॉमेडियन मल्लिका दुआ ने उनकी तारीफ भी की थी.
बॉलीवुड में भी गाए थे गाने
बता दें कि भजन के अलावा नरेंद्र चंचल ने बॉलीवुड में भी गाने गाए थे. उन्होंने फिल्म बॉबी में उन्होंने बेशक मंदिर मस्जिद तोड़ो नाम के गाने को गाया था. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में गाने गाए, लेकिन उन्हें पहचान मिली फिल्म अवतार में गाए माता के भजन चलो बुलावा आया है से मिली. इस गाने ने नरेंद्र को रातों रात उन्हें मशहूर कर दिया था.