फिल्ममेकर विशाल भारद्वाज की अपकमिंग फिल्म 'ओ रोमियो' का बज ऑडियंस के बीच अच्छा-खासा दिखाई दे रहा है. फिल्म का लगभग हर मार्केटिंग एसेट हाइप बढ़ाने में कारगर दिखा. मगर इस बीच फिल्म को लेकर कॉन्ट्रोवर्सी भी हो रही है. गैंगस्टर हुसैन उस्तारा, जिनकी जिंदगी पर ये फिल्म आधारित है, उनकी बेटी ने मुंबई कोर्ट में फिल्म की रिलीज पर रोक की मांग की थी.
शाहिद की फिल्म 'ओ रोमियो' पर कोर्ट का फैसला
'ओ रोमियो' की रिलीज पर रोक का मामला कोर्ट में फिल्म की रिलीज डेट से कुछ ही दिनों पहले पहुंचा. मगर कोर्ट ने हुसैन उस्तारा की बेटी सनोबर शेख की अर्जी को खारिज कर दिया है. सेशन जज एचसी शेंडे ने कहा, 'नोटिस ऑफ मोशन खारिज है. आदेश में जो बातें कही गई हैं, वो सिर्फ शुरुआती हैं और अंतिम फैसले पर असर नहीं डालेंगी.' हुसैन उस्तारा की बेटी सनोबर शेख ने वकील डीवी सरोज के जरिए ये केस फाइल किया था. अब इसकी अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी. लेकिन सनोबर शेख शायद इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील करेंगी.
सनोबर शेख का कहना है कि शाहिद कपूर की फिल्म 'ओ रोमियो' उनके पिता हुसैन उस्तारा की जिंदगी पर बनी है. उन्होंने कोर्ट से मांगा था कि फिल्म रिलीज से पहले रोक लगाई जाए. फिल्म रिलीज से पहले कोर्ट कोई कमिश्नर या किसी ऐसे इंसान को नियुक्त करें, जो फिल्म देखकर असली रिपोर्ट दे सके.
ये केस फिल्म के प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला, डायरेक्टर विशाल भारद्वाज और उस किताब के राइटर के खिलाफ फाइल किया गया है, जिससे फिल्म की कहानी ली गई है. सनोबर शेख का दावा है कि उनके पिता हुसैन उस्तारा मुंबई में पत्रकार थे. वो पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो समेत सरकारी एजेंसियों की मदद किया करते थे. मुंबई में अपराध रोकने के लिए उनका काफी योगदान रहा था.
क्या है हुसैन उस्तारा की बेटी का दावा?
इन कामों की वजह से उनकी जान को खतरा था. इसलिए उन्होंने पुलिस कमिश्नर से बुलेट-प्रूफ जैकेट मांगी थी और 4 अगस्त 1994 को पुलिस कमिश्नर ऑफिस से मंजूरी मिली थी. केस में ये भी लिखा है कि उनके पिता ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के डी-कंपनी का खुलकर विरोध किया था. दाऊद के लोग उन्हें 'लूज कैनन' मानते थे, यानी ऐसा इंसान जो उनकी गैंग के लिए खतरा था.
उनकी हत्या इसलिए की गई ताकि दाऊद का डर दिखाया जा सके और उनका दबदबा बना रहे. सनोबर का कहना है कि उनके पिता मुंबई पुलिस के लिए इनफॉर्मर थे. वो दाऊद के नेटवर्क के खिलाफ खुफिया जानकारी देते थे. इसी वजह से 11 सितंबर 1998 को उनकी हत्या कर दी गई. हत्या दाऊद के करीबी साथी छोटा शकील ने प्लान करके करवाई थी. केस में पूर्व पुलिस एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के सोशल मीडिया इंटरव्यू का जिक्र है.
प्रदीप शर्मा ने कहा था कि ये फिल्म भले ही काल्पनिक है, लेकिन इसकी कहानी असल में हुसैन उस्तारा की जिंदगी से ली गई है. सनोबर का कहना है कि उनके पिता पुलिस के लिए काम करते थे. लेकिन फिल्म के ट्रेलर से ऐसा लगता है जैसे वो खुद गैंगस्टर थे. फिल्म में उनके पिता को गलत तरीके से दिखाने से परिवार की इज्जत को बहुत नुकसान होगा. इसलिए फिल्म की रिलीज रोकनी चाहिए.
बात करें फिल्म 'ओ रोमियो' की, तो इसमें शाहिद कपूर के अलावा तृप्ति डिमरी, नाना पाटेकर, अविनाश तिवारी, फरीदा जलाल, तमन्ना भाटिया और विक्रांत मैसी भी शामिल हैं. फिल्म 13 फरवरी को रिलीज होनी है.