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'आमिर की मां' बनने पर Mona Singh ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- मुझे पता था लोग करेंगे सवाल इसलिये थी खामोश

अभी तक मिले बेस्ट कॉम्पलीमेंट पर मोना कहती हैं, सबसे ज्यादा खुशी तब होती है. जब ऑडियंस आपके काम की तारीफ करती है. एक वैलिडेशन मिलता है. कोरोना काल में बहुत से लोगों ने अपने पैरेंट्स को खोया है. स्क्रीनिंग में वैसे लोग मेरे पास आकर ऐसे गले लग रहे थे, मानों मैं उनकी मां हूं.

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आमिर खान, मोना सिंह आमिर खान, मोना सिंह

आमिर खान (Aamir Khan) स्टारर फिल्म लाल सिंह चड्ढा (Laal Singh Chaddha) रिलीज हो गई है. फिल्म को मिक्स रिव्यूज मिले हैं, लेकिन ज्यादातर रिव्यू में मोना सिंह के काम की तारीफ हुई है. बता दें, फिल्म में मोना ने लाल सिंह की मां का किरदार निभाया है. अपने किरदार की जर्नी, आमिर संग काम करने का एक्स्पीरियंस और बायकॉट जैसी कॉन्ट्रोवर्सी पर मोना ने आजतक डॉट कॉम से दिल खोलकर बातचीत की है.

अपने किरदार पर मोना ने किया रिएक्ट
अपने किरदार को मिल रहे प्यार पर मोना कहती हैं, मुझे इतनी खुशी मिल रही है न, जिसे जाहिर नहीं किया जा सकता है. पिछले दो दिन से मेरा फोन लगातार फोन बजता रहा है. इतनी तारीफ मिल रही है. लोगों को मेरा किरदार पसंद आया है, उन्हें मेरे और लाल की बॉन्डिंग अच्छी लग रही है. बस एक एक्टर के लिए यही अवॉर्ड है.

अभी तक मिले बेस्ट कॉम्पलीमेंट पर मोना कहती हैं, सबसे ज्यादा खुशी तब होती है. जब ऑडियंस आपके काम की तारीफ करती है. एक वैलिडेशन मिलता है. कोरोना काल में बहुत से लोगों ने अपने पैरेंट्स को खोया है. स्क्रीनिंग में वैसे लोग मेरे पास आकर ऐसे गले लग रहे थे, मानों मैं उनकी मां हूं. यही मेरे लिए सबसे बड़ा कॉम्प्लीमेंट है. ये अचीव करना बड़ा मुश्किल होता है. देखिए पर्सनल जिंदगी में मैं न तो मैं मां हूं और न ही मेरी उम्र है. फिर भी मां बनने के लिए प्यार पाना खूबसूरत है. इसके अलावा जो एक तारीफ मिली है, वो है आमिर खान की. सर मेरे पास आकर कहते हैं, मोना तुमने इतना जबरदस्त काम किया है जिसे मैं बयां नहीं कर सकता. एक दिन मेरे घर में मैं खुद स्क्रीनिंग रखूंगा, जहां हम दोनों केवल बैठेंगे और हम तुम्हारे हर सीन का रिव्यू करेंगे, क्योंकि मैं बताना चाहता हूं कि हर एक सीन में तुमने कितना बेहतरीन काम किया है. ये अभी पेंडिंग, उनका ये कहना ही बहुत बड़ी बात है.

ट्रेलर के आने के बाद यह बहस भी छिड़ी थी कि आप उनसे उम्र में कम होने के बावजूद मां का रोल निभा रही हैं. काफी ट्रोलिंग भी हुई. इस पर क्या कहना चाहेंगी. जवाब में मोना कहती हैं, इसलिए मैं फिल्म रिलीज के पहले चुप्पी साध ली थी. मैंने सोच लिया था फिल्म रिलीज होने के बाद मैं इसपर बात करूंगी. दरअसल लोगों को पता ही नहीं था कि रोल क्या है. बस उन्होंने धारणा बना ली कि अरे मुझे मां ले लिया और करीना को हीरोइन ले लिया. लोगों ने ये नहीं देखा कि मैं आमिर की मां नहीं हूं. मैं लाल की मां हूं. मुझे स्क्रीन पर फर्स्ट शॉट में 22 साल का दिखाया है, उसके बाद मैं तीस, चालीस और साठ तक पहुंचती हूं. तो लोगों को ये क्यों नहीं दिख रहा है कि मुझे इतना मुश्किल रोल मिला है. मुझसे वो क्रेडिबिलिटी क्यों छीन रहे हैं लोग. 

मोना क्यों थीं नर्वस?
हालांकि, अब फिल्म देखने के बाद मुझसे कोई नहीं पूछ रहा कि क्यों मां का रोल किया. अब तो लोग कह रहे हैं कि तुमने बेस्ट मां का किरदार निभाया है. मुझे कभी डाउट नहीं आया कि मैं मां का रोल क्यों करूं, बल्कि मैं तो मौका देख रही थी कि एक क्लासिक फिल्म का हिस्सा बनने जा रही हूं. देखिए ये कोई आमिर खान की बायोपिक नहीं है, जिसमें मैं चालीस साल की मां हूं और वो 57 के हीरो बने है. यह तो मेरी करियर का सबसे बेहतर रोल है. मैं जानती हूं कि लोगों का प्यार है और उन्होंने मेरे लिए बोला है, लेकिन फिल्म देखने के बाद उनकी धारणा बदल गई.

फिल्म के साथ चल रही निगेटिविटी और बायकॉट पर रिएक्ट करते हुए मोना कहती हैं, मुझे बहुत दुख होता है, जब हमारे इंडियन सुपरस्टार्स के साथ ऐसे बायकॉट वाले मेसेजेस आते हैं. बहुत बुरा लगता है. मुझे इस बात को लेकर उम्मीद है कि ये बायकॉट वाली चीज खत्म हो जाएगी. क्योंकि अब लोग जान गए हैं कि ये फिल्म न ही पॉलिटिकली गलत है और न ही पर्सनली किसी को हर्ट करने के मकसद से बनाई गई है. यह बहुत खूबसूरत फिल्म है, जो हर हिंदूस्तानी के दिल को छुएगी. मुझे भरोसा है कि इनका भी मन बदलेगा. फर्स्ट डे निराशाजनक पर कमेंट करते हुए मोना कहती हैं, ये वर्ड ऑफ माउथ से फिल्म चलेगी. मुझे पूरा यकीन है. फिल्म इतनी पॉजिटिव है कि सारी निगेटिविटी अपने आप दूर हो जाएगी.

आमिर और करीना संग स्क्रीन स्पेस करते दौरान ओवरशैडो होने की इनसिक्यॉरिटी पर मोना कहती हैं, मुझे ओवरशैडो होने वाली इनसिक्यॉरिटी कभी नहीं होती है. मुझे नवर्सनेस होती है कि मैं अपना सौ प्रतिशत दे सकूं. जब आप किसी किरदार का चैलेंज लेते हो और उसे पढ़ते वक्त नर्वस हो जाओ, तो ये फीलिंग बहुत अच्छी होती है. आप इसी कोशिश में रहते हैं कि अपना बेस्ट दें, बाकि चीजें फिर मायने नहीं रखती हैं. आप चैलेंजिंग और एक्स्ट्रा ऑर्नडरी चीजों पर फोकस करना चाहते हो. मैं अपने करियर की शुरुआत ही सबसे चैलेंजिंग रोल से की थी, जो थी जस्सी, इसके बाद से मेरी आदत ही बिगड़ गई. मुझे ऐसे ही रोल चाहिए, जो मेरी रातों की नींद उड़ा दे. मुझे कभी डर नहीं लगा कि मैं इतने बड़े स्टार्स के साथ काम करूंगी, तो इनसिक्यॉर हो जाऊंगी. मुझे ये लगता था कि इनके साथ काम करती हूं, तो अच्छी तरह से परफॉर्म कर पाऊं.

आमिर संग कैसा रहा एक्सपेरियंस?
आमिर संग काम करने पर मोना कहती हैं, वो इतने जमीन से जुड़े इंसान हैं जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है. उन्हें सेट पर हर किसी का नाम पता होता था. मुझे इतनी हैरानी होती थी कि वो एक-एक बंदे को बुलाकर पूछते थे कि तुम ठीक हो न.. खाना खाया.. कोविड के वक्त सभी सेट वालों का ध्यान केवल आमिर सर रख रहे थे. ये क्वालिटी देखकर लगता है कि जब पेड़ वाकई में फलों से लदा होता है न, तो झुका ही रहता है. मुझे याद है स्क्रीनिंग में अपनी मां को साथ लेकर गई थी, उन्होंने एक मिनट के लिए मेरी मां का हाथ नहीं छोड़ा, वो उन्हीं के साथ खड़े रहे. मतलब उन्हें ये सब करने की कोई जरूरत नहीं है, वो सुपरस्टार हैं.

अपनी शूटिंग का एक्स्पीरियंस शेयर करते हुए मोना कहती हैं, मेरे एक सीन के रिहर्सल के दौरान जहां मैं और आमिर सर थे, उसे करते वक्त हम दोनों बस रोते ही जा रहे थे. क्योंकि ये इतना हेवी व इमोशनल सीन था, जिसे बयां नहीं कर सकती. जब रो-रोकर हमारा मन भर गया, तब हमने शूटिंग शुरू की. जबकि मुझे उस सीन में रोना बिलकुल नहीं था. जैसे ही वो सीन शूट कर हमने खत्म किया, तो उस वक्त पूरी यूनिट चुप हो गई और सेट पर नॉन स्टॉप दस मिनट के लिए तालियां बज रही थी. ये बहुत कम होता है कि मैजिक क्रिएट कर पाएं. हम लाल की तरह बन जाएं और उसकी तरह सोचें कि जिंदगी खुशी से जीने के लिए छोटे-छोटे पचड़ों में पड़ने के लिए नहीं है, तो ये जिंदगी बहुत खूबसूरत हो जाएगी.

अपने किरदार और फिल्म के टेकअवे पर मोना कहती हैं, इस फिल्म से बहुत कुछ सीखने को मिला है, क्योंकि मैं इसमें एक लेजेंड के साथ काम कर रही थी. आमिर खान हर छोटी-छोटी चीजों का ख्याल रखा करते थे. शूटिंग के प्रोसेस को हमने काफी इंजॉय किया है. इस फिल्म मेकिंग के दौरान हमने कई सारे अप्स ऐंड डाउन देखे हैं, लेकिन जो शूटिंग को लेकर जज्बा हमारा जस का तस था. हमें तीन साल लगे शूटिंग के लेकिन जो रिजल्ट दिख रहा है, वो सुकून भरा है. मैंने आमिर सर के साथ जो वक्त बिताया है, वो मेरे लिए किसी सपने से कम नहीं है. उन्होंने मुझे हर जगह प्रमोशन में साथ रखा, श्योरिटी रखी कि मैं हर जगह नजर आऊं. मेरे लिए यह फिल्म हमेशा स्पेशल रहेगी.

 

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