बॉलीवुड के मिस्टर परफैक्शनिस्ट आमिर खान की बेटी आयरा खान आज अपना 23वां जन्मदिन मना रही हैं. इस मौके पर उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें आयरा बताती नजर आ रही हैं कि 19 साल की उम्र में स्लिप डिस्क की समस्या हुई थी, जिसने काफी परेशान किया. यहां तक कि वह कई बार जिम में रोती तक थीं, इतना जबरदस्त दर्द होता था. इसके अलावा आयरा ने एक महीने का वर्कआउट चैलेंज भी लिया है, जिसके चलते वह फैन्स संग रोज सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करेंगी.
आयरा ने बयां किया दर्द
वीडियो की शुरुआत में आयरा कहती नजर आ रही हैं कि मैं नहीं जानती कि मुझे यह किस तरह शुरू करना चाहिए और मैं कुछ महसूस भी नहीं कर रही हूं, बस मैं करूंगी और इसके साथ चलती रहूंगी. मैं फैट महसूस कर रही थी और मैं इस शब्द का इस्तेमाल कर रही हूं. क्योंकि लोग इसके बारे में बोलते हुए सोचते नहीं हैं. वह बस इस शब्द को कह देते हैं. मेरे फैट शब्द को कहने का यहां वो मतलब नहीं, बल्कि मैं हैवी महसूस कर रही हूं. शायद यह सही शब्द है. मैं कह सकती हूं कि मैंने वजन बढ़ाया है. लेकिन यह हैवी महसूस करने से अलग होता है. मैं पिछले कुछ समय से कोई एक्सरसाइज नहीं कर रही हूं. एक महीने करती हूं और रुक जाती हूं. ऐसा पिछले चार साल से हो रहा है या शायद उससे भी ज्यादा से.
आयरा ने बताया स्लिप डिस्क का किस्सा
आयरा वीडियो में आगे कहती हैं कि मुझे 19 साल की उम्र में स्लिप डिस्क की समस्या हुई और आज मैं 23 की हो गई हूं. मैं अभी भी वहां से बहुत दूर हूं, जहां मुझे होना चाहिए. मैं जिम में रोती थी इसलिए नहीं कि मैं फैट महसूस करती थी, बल्कि इसलिए क्योंकि मैं हिल भी नहीं पाती थी. मुझे यह काफी परेशान करता था. मैं बेड से कूद पड़ती थी जब मैं बच्ची थी. मैं रेलिंग पकड़ लिया करती थी, कार्ड-व्हील का आकार ले लेती थी. बस सीधे बेड से जमीन पर खड़ी नहीं हो पाती थी. और आज मैं चेयर से सीधी खड़ी नहीं हो पाती हूं. मुझे खुद को झटका देना पड़ता है. मुझे अपने अंदर जुनून लाना पड़ता है, वह भी एक चेयर से खड़े होने के लिए. कौन ऐसा सोचता होगा, लेकिन मुझे यह चीज करनी पड़ती है. मैंने इसके लिए आजतक कुछ नहीं किया है. यह पूरी तरह से मेरी गलती रही है. मैंने बहुत कुछ बस ऐसे ही जाने दिया.
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आयरा आगे कहती हैं कि मैं जंक फूड खाती थी. यह सोचकर कि मैं सारी कैलोरी बर्न कर लूंगी. लेकिन नहीं रुकी. मैं अपनी जिंदगी का चार्ज खुद लेती हूं और एक महीने का फिटनेस चैलेंज लेती हूं. मैं अभी भी अपने दिमाग में यही सोच रही हूं कि मैं एक फिट इंसान हूं और कुछ भी खा-पी सकती हूं. यह सोचकर कि एक्सरसाइज करके निकाल दूंगी इसे, लेकिन अब और नहीं. फैट और वजन ने मेरी फीलिंग्स को कई बार चोट पहुंचाई है. मेरी जिंदगी में यह दोनों ही अहम हिस्सा रहे हैं. मैं अब हिलना चाहती हूं और शरीर का इस्तेमाल करना चाहती हूं, जैसे किया जाता है.