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विवाद में फंसी 'यादव जी की लव स्टोरी', इन फिल्मों की रिलीज के भी आड़े आई थी 'जाति', हुआ हंगामा

‘यादव जी की लव स्टोरी’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है. फिल्म की कहानी एक यादव लड़की और मुस्लिम लड़के की प्रेम कहानी पर आधारित बताई जा रही है, जिस पर समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई है. इससे पहले भी पद्मावत, सैराट, आर्टिकल 15 और जय भीम जैसी फिल्में विवादों में आ चुकी हैं.

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कास्ट की उलझन में उलझीं फिल्में (Photo: ITG)
कास्ट की उलझन में उलझीं फिल्में (Photo: ITG)

एक नई फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' चर्चा में आ गई है. लेकिन ये फिल्म ने अपने अनाउंसमेंट या ट्रेलर से नहीं बल्कि विवाद की वजह से हेडलाइन्स में बनी है. फिल्म का नाम पढ़कर तो आप विवाद समझ ही गए होंगे. नहीं समझे तो हम आपको बता देते हैं. 

27 फरवरी को रिलीज होने जा रही इस फिल्म पर यादव समाज के लोगों ने विरोध जताया है. उन्होंने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे रिलीज ना करने की चेतावनी दी है. इतना ही नहीं फिल्म को लव जिहाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है. क्योंकि फिल्म की कहानी एक यादव समाज की लड़की की है जो मुस्लिम लड़के से प्यार कर बैठती है. 

हालांकि ये पहली बार नहीं है जब कोई फिल्म विवादों के घेरे में आई हो, वो भी सिर्फ इसलिए कि किसी समाज को उसकी कास्ट, टाइटल या जाति विशेष का दिखाया जाने पर एतराज हो. इससे पहले कई फिल्में इस कटघरे में खड़ी दिखीं और इस विरोध का मार भी झेलती नजर आईं. आइये बताते हैं. 

इन फिल्मों के खिलाफ हुआ प्रोटेस्ट...

घूसखोर पंडित: ये विवाद ज्यादा पुराना नहीं है. मनोज बाजपेयी स्टारर इस फिल्म को ब्राह्मण समुदाय की ओर से भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा. उनके मुताबिक फिल्म का टाइटल अपमानजनक था. मामला कोर्ट तक पहुंचा. इसके बाद फिल्म मेकर को फटकार के साथ नाम बदलने की सलाह दी गई. 

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आर्टिकल 15: ये फिल्म सीधे तौर पर जाति आधारित हिंसा और भेदभाव और बदायूं केस पर आधारित थी, जिस कारण इसे भारी विरोध का सामना करना पड़ा था.

जय भीम: 2021 में रिलीज हुई इस फिल्म ने कई समाज के लोगों के कान खड़े कर दिए थे. ये फिल्म वन्नियार समुदाय को दिखाने को लेकर विवादों में रही थी, जिस पर जाति विशेष को गलत तरीके से दिखाने का आरोप लगा था.

फुले: महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन पर बेस्ड फिल्म का विरोध खासतौर से महाराष्ट्र में कुछ ब्राह्मण संगठनों ने किया था. इन समूहों ने आरोप लगाया कि फिल्म में उनके समुदाय को निगेटिव दिखाया है. साथ ही इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है. ये उनके समाज को नीचा दिखाने की कोशिश हो सकती है.

पद्मावत: राजपूत समुदाय, करणी सेना ने मेकर्स पर आरोप लगाया था कि रानी पद्मावती के किरदार को गलत तरीके से दिखाया जाएगा. साथ ही ऐतिहासिक तथ्यों के गलत तरीके से पेश किया जाएगा. विरोध इस कदर था कि सेट पर तोड़ फोड़ तक की गई थी. इसकी आंच इतनी उठी थी कि बाद में फिल्म के कुछ सीन में बदलाव तक किए गए थे.

सैराट: फिल्म में दो अलग-अलग समुदायों के लड़का और लड़की के बीच प्यार दिखाया गया. इस पर मराठा समुदाय के कुछ तबकों ने विरोध जताया था. उन्होंने दलित लड़के और मराठा लड़की की लव स्टोरी पर आपत्ति जताई थी.

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