हिंदी सिनेमा की सशक्त एक्ट्रेसेज में गिनी जाने वालीं फरीदा जलाल ने अपने लंबे करियर में कई ऐसे फैसले लिए, जिन्होंने उस दौर में सबको चौंका दिया. पर्दे पर अक्सर सुलझे और संवेदनशील किरदार निभाने वाली फरीदा जलाल ने कुछ मौकों पर अपनी सीमाएं साफ रखीं- चाहे वो भाषा का इस्तेमाल हो, शराब पीने के दृश्य हों या फिर इंटीमेट सीन.
‘ओ रोमियो’ में गाली देकर किया सबको हैरान
हाल ही में शाहिद कपूर की 'ओ रोमियो' का टीजर जारी हुआ जहां फरीदा अब्यूज करती दिखीं. फरीदा के मुंह से गाली-गलौच जैसे शब्द सुनाई देना, फैंस को हैरान कर गया. हालांकि फरीदा ने अपने इस चौंका देने वाले सीन के बारे में खुद बात की. उन्होंने बताया है कि डायरेक्टर विशाल भारद्वाज ने उनसे खुद आकर पूछा था कि- आप गाली देंगी ना?
सवाल सुनकर फरीदा खुद हैरान रह गई थीं उन्हें समझ नहीं आया कि वो क्या कहें. लेकिन वो हमेशा से विशाल भारद्वाज के साथ काम करना चाहती थीं इसलिए कहा कि वो भारी-भरकम गंदी वाली नहीं लेकिन मामुली वाली दे सकती हैं. फरीदा ने माना कि उनकी छवि बेहद शालीन है, इसलिए ये उन्हें सूट नहीं करता.
ऑनस्क्रीन शराब पीने से साफ इनकार
पर मजेदार बात ये है कि इससे पहले फरीदा जलाल संजय लीला भंसाली को एक सीन के लिए मना कर चुकी हैं. फरीदा ने खुद बताया था कि हीरामंडी की शूटिंग के दौरान भंसाली खुद उनसे पूछने आए थे. हीरामंडी में फरीदा रईस घराने की कुड़सिया बेगम के किरदार में थीं. जिन घरों में महिलाओं का पीना आम दिखाया गया था.
फरीदा जलाल ने बताया कि हीरामंडी में डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने एक सीन प्लान किया था, जिसमें उन्हें हाथ में वाइन का गिलास और सिगरेट पकड़े दिखाया जाना था. ये सुनते ही उन्होंने अपनी असहजता जाहिर करते हुए कहा, 'सर, मैंने ऐसा कभी नहीं किया है.' फरीदा की बात को संजय लीला भंसाली ने पूरा सम्मान दिया और बिना किसी बहस के उस सीन को सीरीज से हटा दिया था.
राजेश खन्ना संग इंटीमेट सीन में असहजता
अपने समय के सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ काम करते हुए भी फरीदा जलाल को कुछ इंटीमेट सीन करने में झिझक महसूस हुई थी. लेकिन इसलिए नहीं कि वो उस सीन को करना नहीं चाहती थीं, बल्कि जब फरीदा ने राजेश खन्ना से सीन रिहर्स करने की बात कही थी तो वो इनकार कर गए थे. इस वजह से फाइनल शूटिंग में दिक्कत आ रही थी. बाद में शर्मिला टैगोर ने बीच में आकर सीन को ठीक से करवाया.
फरीदा का बेझिझक अपनी मांग रखना और अपनी असहज को बिना छुपाए खुलकर अपनी दिक्कतों के बारे में कहना, उस दौर में भी सभी को हैरान कर गया था.