आदित्य धर की 'धुरंधर' को जिस किसी ने भी देखा है, उसके दिमाग में वो फिल्म छप गई है. क्योंकि हर कोई इसपर बात करता नजर आ रहा है. मुंबई में आजतक मुंबई मंथन का आयोजन हुआ, जहां बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के जाने माने नाम शशि रंजन, रश्मि देसाई, शमा सिंकदर और रूमी जाफरी पहुंचे. वहां उन्होंने फिल्म 'धुरंधर' पर कुछ बात की.
आदित्य धर की फिल्म पर क्या बोले रूमी जाफरी?
'धुरंधर' को लेकर काफी कुछ कहा जा रहा है. एक ग्रुप के लोग कह रहे हैं कि ये फिल्म 'प्रोपगेंडा' है. कोई इसमें विलेन को ग्लोरीफाई करने से नाराज है. तो वहीं कुछ लोग फिल्म के लंबे रन-टाइम से नाखुश हैं. अब ऐसे में इन सभी मुद्दों पर फिल्ममेकर रूमी जाफरी ने अपनी बात सामने रखी है.
रूमी जाफरी से मॉडरेटर राजीव ढौंडियाल ने पूछा कि क्या सरकारी इंफ्लुएंस वाले फिल्में इसलिए बन रही हैं क्योंकि वो ज्यादा चलती हैं? तो इसपर फिल्ममेकर ने कहा, 'नहीं मुझे ऐसा नहीं लगता कि ऐसी कोई भी फिल्म इतनी बड़ी चली है. अगर इसपर इलजाम लगता है, तो मैं आपको एक उदाहरण देना चाहूंगा विवेक ओबेरॉय की फिल्म नरेंद्र मोदी. वो फिल्म सुपरहिट नहीं हुई. तो ऐसी कोई विचारधारा वाली फिल्म बनाने से कुछ नहीं होता.'
जब रूमी जाफरी से आगे कहा गया कि 'धुरंधर' को प्रोपगेंडा फिल्म कहा गया, तो उन्होंने कहा- धुरंधर कोई प्रोपगेंडा फिल्म नहीं है. मैंने वो फिल्म दो बार देखी है. बहुत ही लाजवाब फिल्म है. वरना हम जिस प्रोफेशन में बैठे हैं, उसमें 3.34 मिनट की फिल्म को कोई नहीं देखता. दर्शक भी उठकर चले जाते हैं और डिस्ट्रीब्यूटर्स लगाने से इनकार कर देता है. वो कहते हैं कि 2-2.5 घंटे की फिल्म बनाओ, ताकि हमारे बाकी शो ना मर जाएं.
'ये पिक्चर इतनी लाजवाब है कि आप 3.30 घंटे तक हिल नहीं सकते. मुझे इंडस्ट्री में चालीस साल हो गए हैं. हर दौर में कहा जाता है कि अब वो फिल्म नहीं चल पाएगी. अभी कुछ नया लाना पड़ेगा. लोग कहते हैं कि ये फिल्म चलती है, वो नहीं चलती. मगर ऐसा कुछ नहीं है. अच्छी फिल्म हमेशा चलती है, बुरी फिल्म कभी नहीं चलती.'
बता दें कि फिल्म 'धुरंधर' 34 दिनों में 836 करोड़ रुपये के आसपास कमा चुकी है. फिल्म अब 850 करोड़ का आंकड़ा छूने के बेहद करीब है. रणवीर सिंह, आर.माधवन, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल स्टारर फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्म बन गई है.