'सुरों की आशा' आशा भोसले ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है. वो पंचतत्व में विलीन हो चुकी हैं. उनके बेटे आनंद भोसले ने सिंगर को मुखाग्नि दी. 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हुआ था. सिंगर को देशभर में मौजूद उनके सभी फैंस और चाहने वालों ने श्रद्धांजलि दी. आशा जी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनकी पोती जनाई भोसले की आंखें नम हैं.
सोमवार 13 अप्रैल को आशा भोसले के घर पर कई लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे. कई सेलेब्स इस दौरान इमोशनल भी हुए और आशा जी को भावपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान उनका पूरा परिवार एक साथ खड़ा दिखा. आशा जी की छोटी बहन उषा मंगेशकर भी वहां मौजूद दिखी थीं.
छोटी बहन आशा के किए अंतिम दर्शन
आशा भोसले के जाने से उषा मंगेशकर पूरी तरह टूट गई हैं. उन्होंने नम आंखों से अपनी बड़ी बहन को विदाई दी. उषा मंगेशकर के बाद, बड़ी बहन मीना मंगेशकर भी वहां आती दिखाई दी थीं. मीना मंगेशकर को व्हीलचेयर पर आते देखा गया. उनके आसपास कई लोग थे, जो उन्हें आशा जी के पार्थिव शरीर के पास अंतिम विदाई देने के लिए ले जा रहे थे.
बहन आशा के जाने का दुख मीना मंगेशकर के चेहरे पर भी दिखा था. उन्होंने अपनी छोटी बहन को खो दिया है. मंगेशकर परिवार में लता मंगेशकर अपनी बहनों में सबसे बड़ी थीं. उनके बाद मीना मंगेशकर, आशा भोसले और उषा मंगेशकर थीं. चारों बहने संगीत में काफी अच्छी थीं. मगर किस्मत में सिर्फ लता और आशा का ही चमकना लिखा था.
क्यों गायब रहती हैं मीना मंगेशकर?
मीना मंगेशकर ने अपने शुरुआती दौर में कई फिल्मों के लिए गाने गाए. उन्होंने दो बड़े पॉपुलर हिंदी गाने, फागुन आया और है मौसम ये मस्ताना मुस्कुराना दिल चुराना गाए हैं. इसके बाद वो सिंगिंग की दुनिया से अचानक गायब हो गईं. उनकी सबसे छोटी बहन उषा मंगेशकर ने काफी गाने गाए और अवॉर्ड भी जीते.
आशा भोसले ने 10 साल की उम्र से गाना शुरू किया था. अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद, उन्होंने अपनी बहन लता मंगेशकर के साथ गाने की शुरुआत की. आशा जी ने लगभग 80 साल तक इंडस्ट्री में नाम कमाया. उनके करीब 12000 से ज्यादा गाने हैं, जिसे उन्होंने 20 से ज्यादा अलग-अलग भाषाओं में गाया है.