scorecardresearch
 
Advertisement
बॉलीवुड

ढूंढने से भी नहीं मिलेंगी ये 7 फिल्में, बनाने वाले भी अब दुनिया में नहीं

Lost movies of global cinema
  • 1/8

आज की डेट में किसी भी फिल्म को देखना काफी आसान हो गया है. पुरानी से पुरानी फिल्में अब ओटीटी पर जैसे-तैसे मिल जाती हैं. लेकिन कुछ फिल्में ऐसी भी हैं, जो आपको ढूंढकर भी नहीं मिल पाएंगे. उनके नहीं मिलने के कई कारण भी रहे. तो आइए, आपको उन फिल्मों के बारे में बताते हैं.

the cleopatra
  • 2/8

1917 में आई क्लियोपेट्रा फिल्म उस दौर की सबसे बेहतरीन साइलेंट फिल्म थी, जिसमें एक्ट्रेस थेडा बारा ने काम किया था. कहानी मिस्र के रहस्यों को दिखाती है, जिसमें उस समय के मुताबिक ग्रैंड सेट्स और विजुअल्स का इस्तेमाल किया गया. लेकिन अफसोस ये फिल्म की सभी कॉपी कहीं गुम हो गईं. कुछ 1937 के दौरान आग में जलकर खाक हो गईं. अब जो बचा है, वो सिर्फ फिल्म का 20-40 सेकेंड का फुटेज है. 

the mountain eagle
  • 3/8

द माउंटेन इगल पॉपुलर फिल्ममेकर अल्फ्रेड हिचकॉक की शुरुआती फिल्मों में से एक है. हिचकॉक खुद ये फिल्म पसंद नहीं करते थे, लेकिन उनकी फिल्में पसंद करने वाले इसे ढूंढने की कोशिश करते रहे. नतीजा, आज तक पूरी फिल्म कहीं नहीं मिली है.
 

Advertisement
the patriot
  • 4/8

 द पेट्रियट 1928 में आई एक बेहतरीन फिल्म है, जो ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेट हो चुकी है. ये इकलौती ऑस्कर नॉमिनेटेड फिल्म है जो पूरी तरह खो गई है. अब इसके सिर्फ कुछ टुकड़े और ट्रेलर बचे हैं. 

London at midnight
  • 5/8

लंदन आफ्टर मिडनाइट हॉलीवुड की सबसे पॉपुलर हॉरर फिल्म है, जिसमें लोन चैने ने मेन रोल निभाया था. उनका वैंपायर जैसा डरावना लुक पॉपुलर हुआ. लेकिन इस फिल्म का आखिरी प्रिंट 1965 में MGM स्टूडियो की आग में जल गया. अब सिर्फ फोटो और पोस्टर ही बचे हैं. 

Shirin farhad
  • 6/8

शिरीन फरहान इंडियन सिनेमा की शुरुआती बोलती फिल्मों में से एक थी, जिसमें कई गाने थे और उस समय ये बहुत हिट हुई थी. हालांकि1930 के दशक की कई भारतीय फिल्मों की तरह इसे भी ठीक तरह संभालकर नहीं रखा गया. आज इसे पूरा देख पाना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है. 

Natir Puja
  • 7/8

नोबल प्राइज विजेता रवींद्रनाथ टैगोर ने भी खुद एक फिल्म नातिर पूजा डायरेक्ट की थी, जो 1932 में आई. ये उनकी इकलौती फिल्म थी. लेकिन स्टूडियो में आग लगने से फिल्म ज्यादातर जलकर खाक हो गई. आज सिर्फ छोटे-छोटे टुकड़े बचे हैं. 

kisan kanya
  • 8/8

किसन कन्या भारत की पहली कलर फीचर फिल्म थी. ये इंडियन सिनेमा के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी. लेकिन समय के साथ अधिकतर प्रिंट खराब हो गए. आज इसे पूरा देखना बहुत मुश्किल है. सिर्फ इतिहास की किताबों में इसका जिक्र रह गया है. 

Photo: Social Media, IMDb

Advertisement
Advertisement