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संघर्ष ही है स्मृति का जज्बा, डिलीवरी के तुरंत बाद की थी शूटिंग

संघर्ष ही है स्मृति का जज्बा, डिलीवरी के तुरंत बाद की थी शूटिंग

उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट कांग्रेस और गांधी परिवार की परंपरागत सीट रही है. इस बार यहां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इतिहास बदल दिया. स्मृति ईरानी ने बीजेपी के टिकट पर दूसरी बार अमेठी से चुनाव लड़ा और जीत गईं. दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने स्मृति ईरानी से हार मान ली और उन्हें जीत के लिए बधाई भी दी. स्मृति ईरानी को संघर्ष के लिए जाना जाता है. टीवी करियर में भी उनके स्ट्रगल के जज्बे की सब तारीफ़ करते थे. अमेठी में चुनाव हारने के बाद भी स्मृति जुटी रहीं. उनके बेटे जोहर का जन्म साल 2001 में अक्टूबर महीने में हुआ था. उस समय समृति चर्चित टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में काम करती थीं. एक इवेंट में स्मृति ने खुद एक्टिंग लाइफ की मुश्किलें शेयर करते हुए बताया था कि बेबी होने के 2 दिन बाद ही वो शूटिंग के लिए लौट गई थीं. देखिए वीडियो.

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