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संजय निषाद की नजर मंत्री के गढ़ पर, बीजेपी की जीती सीट पर दावेदारी से बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर शह-मात का खेल शुरू हो गया है. बीजेपी के सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद के देवरिया की रुद्रपुर सीट पर दावेदारी से योगी सरकार के मंत्री जय प्रकाश निषाद की बेचैनी बढ़ा दी है. 

निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रुद्रपुर सीट पर संजय निषाद की दावेदारी
  • योगी के मंत्री जेपी निषाद की बढ़ी टेंशन
  • रुद्रपुर सीट निषाद बहुल मानी जाती है

उत्तर प्रदेश में होने वाले 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है. बीजेपी ने सूबे की सत्ता पर एक बार फिर से काबिज होने के लिए निषाद पार्टी और अपना दल (एस) के साथ गठबंधन कर रखा है. इस बीच बीजेपी के सहयोगी निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने देवरिया की रुद्रपुर सीट पर अपनी दावेदारी ठोक दी है। इस सीट से अभी योगी सरकार के मंत्री जय प्रकाश निषाद विधायक हैं और ऐसे में उनकी बेचैनी बढ़ गई है.

संजय निषाद की बीजेपी सीट पर दावेदारी

संजय निषाद ने बीजेपी-निषाद पार्टी गठबंधन के तहत जिन सीटों की डिमांड की है, उसमें देवरिया की रुद्रपुर विधानसभा सीट भी शामिल है. यहां से बीजेपी के दिग्गज नेता व योगी सरकार में मंत्री जय प्रकाश निषाद विधायक हैं.

संजय निषाद ने कही न कही निषादों के गढ़ में खुद को अगुवा बनने की कोशिश में हैं और यहां से पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय सिंह को रुद्रपुर से चुनाव लड़ाना चाहते हैं. इसीलिए संजय निषाद एक महीने के भीतर दो बार रुद्रपुर में निषाद सभा को संबोधित कर उन्हें एकजुट करने में लगे हैं. 

निषाद बहुल सीट रुद्रपुर

संजय निषाद से जब पूछा गया कि यहां से विधायक निषाद समाज से और मंत्री हैं तो ऐसे में आप यहां से क्यों टिकट मांग रहे हैं. इस पर संजय निषाद ने कहा कि निषाद समाज किसी की पॉकेट में नहीं है. वे रुद्रपुर बिखरे हुए निषाद समाज को समेटने आए हैं. उनकी लड़ाई टिकट को लेकर नहीं बल्कि मुद्दों को लेकर है. बीजेपी हमारे लिए बड़े भाई की तरह है. निषाद समाज बहुल सीट होने के चलते हमने रुद्रपुर सीट की मांग की है. ऐसे में हमारे कोटे में सीट आती है तो जरूर लड़ेंगे. 

योगी के मंत्री मौजूदा विधायक

वहीं, रुद्रपुर सीट से बीजेपी विधायक व यूपी सरकार में पशुधन एवम मत्स्य राज्य मंत्री जय प्रकाश निषाद का आजतक से बात करते हुए दर्द छलक पड़ा. उन्होंने कहा कि संजय निषाद ने बीजेपी से हाथ मिलाया है तो बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं. ऐसे में वो कहीं भी काम कर सकते हैं. इससे हम लोगों को कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन यह जानता हूं कि रुद्रपुर सीट पर बीजेपी से साल 1991 में खाता खोला था. इसके बाद से लगातार तीसरी बार विधायक हूं और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हूं. 

नेतृत्व तय करेगा कौन लड़ेगा चुनाव

जय प्रकाश निषाद ने कहा कि बीजेपी के लिए बचपन से काम किया है और आज भी पार्टी के लिए काम कर रहा हूं. कमल हमारा चुनाव चिह्न है. कमल के लिए हम भी काम कर रहे हैं और वह भी कर रहे हैं. रुद्रपुर सीट पर कौन चुनाव लड़ेगा, यह केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा, लेकिन मैं बीजेपी का मजबूत सिपाही हूं और सालों से काम कर रहा हूं. पार्टी नेतृत्व भी हमारे साथ है और हम भी नेतृत्व के साथ हैं. रुद्रपुर सीट पर कमल के लिए जो भी लड़ेगा, उसके लिए काम करूंगा. 

बीजेपी-निषाद की जंग में कांग्रेस को लाभ

बता दे कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह 2012 में रुद्रपुर से विधायक रहे हैं. 2017 में जय प्रकाश निषाद ने अखिलेश प्रताप को हराकर रुद्रपुर की सीट पर कब्जा किया. यदि ऐसी खींचतान रही तो यह सीट 2022 के चुनाव में बीजेपी से फिसलकर कांग्रेस के हाथ में भी सकती है. सपा ने यहां से अभी अपने उम्मीदवार के पत्ते नहीं खोले है, लेकिन उपेंद्र तिवारी और राम भुवाल निषाद टिकट की दावेदारी कर रहे हैं. 

रुद्रपुर सीट पर जिस तरह संजय निषाद दावेदारी कर रहे हैं, उससे बीजेपी को अपनी जीती हुई सीट छोड़ने की चिंता बढ़ रही है. अब तो बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा कि मंत्री को दरकिनार कर गठबंधन की झोली में यह सीट डालेगा या संजय निषाद के निषादों के अगुवा बनने के मंसूबों पर पानी फेरेगा. ऐसे में एमएलसी डॉक्टर संजय निषाद ने यूपी सरकार के कद्दावर मंत्री जय प्रकाश निषाद की राह में जिस तरह कांटे बिछा रहे हैंं, उससे बीजेपी के लिए यह सीट बचाए रखना 2022 चुनाव में बड़ी चुनौती होगी. 

 

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