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लखनऊ में RSS और सरकार के बीच 5 घंटे चला मंथन, जनसंख्या कानून, धर्मांतरण समेत इन मुद्दों पर चर्चा

यूपी चुनाव की तैयारी में जुटी बीजेपी की संघ के शीर्ष नेतृत्व संग एक अहम बैठक समाप्त हो गई है. साढ़े पांच घंटे लंबी चली इस बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. बैठक में सरकार के कामकाज पर तो चर्चा हुई ही है, इसके अलावा चुनावी रणनीति पर भी विस्तार से बातचीत हुई.

सीएम योगी आदित्यनाथ ( पीटीआई) सीएम योगी आदित्यनाथ ( पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बीजेपी का संघ संग चुनावी मंथन
  • जीत का खाका किया गया तैयार
  • बीजेपी की छवि को मजबूत करने पर जोर

यूपी चुनाव की तैयारी में जुटी बीजेपी की संघ के शीर्ष नेतृत्व संग एक अहम बैठक समाप्त हो गई है. साढ़े पांच घंटे लंबी चली इस बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे. बैठक में सरकार के कामकाज पर तो चर्चा हुई ही है, इसके अलावा चुनावी रणनीति पर भी विस्तार से बातचीत हुई.

बीजेपी का संघ संग चुनावी मंथन

दोपहर दो बजे से जारी इस बैठक में सीएम योगी संग संघ का शीर्ष नेतृत्व लगातार चर्चा करता रहा. 2022 के यूपी चुनाव पर तो मंथन हुआ ही, इसके अलावा इस बात पर भी जोर रहा कि सरकार की उपलब्धियों का गांव-गांव तक प्रचार कैसे किया जाए. इसी कड़ी में कहा जा रहा है कि सरकार अब बेहतर कानून व्यवस्था, जनसंख्या नियंत्रण कानून, धर्मांतरण जैसे मुद्दों के जरिए जनता के बीच अपनी छवि को मजबूत करने की कोशिश करेगी. वहीं संघ अपने कार्यकर्ताओं द्वारा सरकार की इन मुहिम का बढ़-चढ़कर प्रचार करेगा.

जीत का खाका किया गया तैयार

बैठक में संगठन को मजबूत करने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई है. पूरा जोर दिया गया है कि चुनाव के समय संगठन और संघ के बीच भी बेहतर तालमेल बना रहे और लगातार जमीन पर स्थिति की समीक्षा होती रहे. बता दें कि सरकार और संघ  के बीच में बैठक दो दिन से जारी है. बैठक के जरिए चुनाव से पहले एक जीत का खाका तैयार किया जा रहा है और एक तय रणनीति के मुताबिक आगे बढ़ने की तैयारी की जा रही है.

RSS के लिए यूपी क्यों जरूरी?

अब यूपी के चुनाव में संघ की सक्रियता हैरान नहीं करती है. कहने को चुनाव गुजरात समेत दूसरे कई राज्यों में भी होने जा रहे हैं, लेकिन संघ के लिए उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार को कायम रखना जरूरी है. राजनीतिक और वैचारिक दृष्टि से संघ ने हमेशा से ही यूपी को ज्यादा तवज्जो दी है, यही वजह है कि अब फिर जब चुनाव नजदीक हैं तो संघ पूरी ताकत के साथ बीजेपी के पीछे खड़ी हो गई है. उनकी तरफ से आरएसएस के सह-सरकार्यवाह अरुण कुमार को भी समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दे दी गई है.

बीजेपी की छवि कैसे करेंगे मजबूत?

बताया ये भी जा रहा है कि यूपी में संघ के तमाम कार्यकर्ता अब जरूरतमंद लोगों की मदद करने जा रहे हैं. कोरोना काल में कई लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा है, ऐसे में अब उन सभी की मदद कर बीजेपी की छवि को बेहतर बनाने की कवायद की जाएगी. मतलब प्रचार से लेकर संगठन को मजबूत करने तक, संघ पूरी तरह से खुद को यूपी चुनाव में झोंकने जा रहा है. पूरा प्रयास है कि प्रदेश में फिर भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई जाए.

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