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भाजपा को कैसे पता था कि चुनाव डिजिटली होगा, मैं चुनाव आयोग से शिकायत करूंगा: अखिलेश यादव

UP Election: अखिलेश यादव ने कहा कि देश के गृह मंत्री को आंकड़ा देना चाहिए, उत्तराखंड की बात करनी चाहिए. पूर्व में कांग्रेस की सरकार थी तब एक कमीशन बना कि पहाड़ के लोगों क्यों पलायन किया. कई गांव ऐसे हैं जहां एक भी व्यक्ति नहीं रह रहा है, देश में सबसे ज्यादा कहीं पलायन हुआ है तो वह उत्तराखंड में हुआ है.

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आजतक से बातचीत करते अखिलेश यादव. आजतक से बातचीत करते अखिलेश यादव.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अखिलेश यादव ने पलायन के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधा
  • वर्चुअल रैली पर भी अखिलेश ने अपनी राय रखी

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि मुझे जानकारी हुई है कि पंजाब में जिस तरह से खाली कुर्सियां थीं, भाजपा अगर रैली करती तो भीड़ नहीं होती, इसलिए भाजपा ने जानबूझकर पाबंदी लगवाई है. भाजपा की चार पहिए की गाड़ी भोपूं लगाकर घूम रही है, एलईडी लगा हुआ है, क्या ऐसी गाड़ियां 10 दिन में तैयार हो जाती हैं? उन्हें कैसे पता था कि चुनाव डिजिटली होगा. इलेक्शन कमिशन की गाइडलाइन से पहले कैसे भाजपा नेताओं के घर में डिजिटल वार रूम तैयार था. मैं इस संबंध में चुनाव आयोग को शिकायत करूंगा. अखिलेश से बातचीत के अंश...

सवाल- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कैराना के दौरे पर थे, पलायन के मुद्दे को जोर शोर से उठाया. डोर-टू-डोर प्रचार कर रहे थे, आपलोगों को फर्क पड़ेगा?

जवाब- देश के गृह मंत्री को आंकड़ा देना चाहिए, उत्तराखंड की बात करनी चाहिए. पूर्व में कांग्रेस की सरकार थी तब एक कमीशन बना कि पहाड़ के लोगों क्यों पलायन किया. कई गांव ऐसे हैं जहां एक भी व्यक्ति नहीं रह रहा है, देश में सबसे ज्यादा कहीं पलायन हुआ है तो वह उत्तराखंड में हुआ है. भाजपा के लोग उत्तराखंड में पलायन की बात क्यों नहीं करते. भाजपा ने जो सूची जारी की थी पलायन की वह सूची ही झूठी थी. ये 22 लाख रोजगार पर क्यों बात नहीं करते. मैंने उदाहरण दिया कि एचसीएल कैंपस जो लखनऊ में बना, उसमें 5,500 नौकरियां डायरेक्ट मिली हैं. अगर लखनऊ में एचसीएल आ सकता है तो इसी तरह हम आईटी हब बनाए, इंस्फ्रास्टक्चर बनाए तो नौकरी क्यों नहीं मिली सकती है. 22 लाख ही नहीं ये आंकड़ा और बढ़ सकता है, अगर आईटी में सही तरीके से इंस्फ्रास्टक्चर विकसित किया जाए तो.

सवाल- चुनाव के पहले तो नेताजी बड़े-बड़े वायदे करते हैं, चुनाव के बाद इसे पूरा करने में दिक्कत आती है?

जवाब- ये समाजवादी पार्टी के लिए मत कहिए. सपा ने जो वायदा किया जो घोषणा पत्र में बातें कहीं, उसे पूरा किया. जो बातें घोषणापत्र में नहीं थी, उसे भी पूरा किया. लखनऊ उदाहरण है इसका. हमारे घोषणापत्र में लखनऊ मेट्रो नहीं था, रिवर फ्रंट नहीं था लेकिन हमने इसे पूरा किया. 

सवाल- कैराना में पलायन कितना बड़ा मुद्दा बनेगा?

जवाब- भाजपा चुनाव से पहले हर पैंतरा अपनाएगी. भाजपा चाहेगी कि चुनाव विकास के मुद्दे पर न हो, रोजगार के मुद्दे पर न हो, महंगाई के मुद्दे पर न हो. पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है, इन सभी बातों का भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है. भाजपा ने सबसे बड़ा वायदा किया था कि किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी. क्या ये कैराना, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में जाकर किसानों को बताएंगे कि किसानों की आय दोगुनी हुई. वे किसानों को बताएं कि तीन कृषि कानून क्यों लाए गए थे, क्या नुकसान हो रहा था जिसकी वजह से कानून को वापस ले लिया गया. 

चुनाव आयोग ने कहा था कि वर्चुअल रैली होगी, इसकी परिभाषा क्या है? लखनऊ में रैली की भीड़ को लेकर अखिलेश ने कहा कि धारा 144 लागू है, ये नहीं बताया गया था, वर्चुअली रैली कैसे होगी, क्या होगा इसकी जानकारी नहीं दी गई थी. अगर ये सब बातें बताई गई होतीं तो रैली में इतनी भीड़ नहीं होती. मुझे जानकारी हुई है कि पंजाब में जिस तरह से खाली कुर्सियां थीं, भाजपा अगर रैली करती तो भीड़ नहीं होती, इसलिए भाजपा ने जानबूझकर पाबंदी लगवाई है. भाजपा की चार पहिए की गाड़ी भोपूं लगाकर घूम रही है, एलईडी लगा हुआ है, क्या ऐसी गाड़ियां 10 दिन में तैयार हो जाती हैं. उन्हें कैसे पता था कि चुनाव डिजिटली होगा. इलेक्शन कमिशन की गाइडलाइन से पहले कैसे भाजपा नेताओं के घर में डिजिटल वार रूम तैयार था. मैं इस संबंध में चुनाव आयोग को शिकायत करुंगा. 

सवाल- आपको लगता है कि ओपिनियन पोल प्रदेश का माहौल चेंज कर देगा, इसलिए इस पर बैन लगना चाहिए?

जवाब- आपके विधायकों की पिटाई की जा रही है, इसके बावजूद आप कह रहे हैं कि सर्वे बहुत अच्छा आ रहा है. इनके डिप्टी सीएम का विरोध हुआ, ये सर्वे में कब आएगा. जनता खुद महसूस कर रही है. जनता को भरोसा दिलाया था कि हवाई चप्पल वाले हवाई जहाज में घूमेंगे, आम जनता आज अपनी गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल नहीं डलवा पा रही है. कोई ऐसा घर नहीं है जहां लोग बेरोजगार न हो.

 

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