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'कब तक आस लगाओगी तुम बिके हुए अखबारों से, कैसी रक्षा मांग रही हो दुशासन दरबारों से'

उन्होंने एक कविता के जरिए कहा है कि सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो अब गोविंद ना आएंगे कब तक आस लगाओगी तुम बिके हुए अखबारों से कैसी रक्षा मांग रही हो दुशासन दरबारों से.

स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रियंका गांधी का महिलाओं को बड़ा संदेश
  • बोलीं- कब तक आस लगाओगी तुम बिके हुए अखबारों से

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी में महिलाओं के लिए कई बड़े ऐलान कर दिए हैं. उन्हें भरोसा है कि महिला वोटरों के जरिए वे कांग्रेस की प्रदेश में फिर सत्ता वापसी करवा सकती हैं. अब बुंदेलखंड में भी प्रियंका ने यही संदेश महिलाओं तक पहुंचा दिया है. वे जोर देकर कह रही हैं कि महिलाओं को खुद की लड़ाई लड़नी पड़ेगी.

उन्होंने एक कविता के जरिए कहा है कि सुनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो अब गोविंद ना आएंगे कब तक आस लगाओगी तुम बिके हुए अखबारों से कैसी रक्षा मांग रही हो दुशासन दरबारों से. रानी लक्ष्मीबाई जी अपने हक के लिए लड़ी, आप जब अपने खेतों फैक्ट्ररी में काम करती हैं, आंगनबाड़ी का काम करती हैं, शिक्षा मित्र हैं बच्चों को पढ़ाती है आप सब संघर्ष कर रही हैं. ऐसे में आप अपनी लड़ाई खुद लड़ रही हैं.

प्रियंका का महिलाओं को संदेश

इसके बाद प्रियंका ने महिलाओं को लेकर कई ऐलान भी कर दिए. उन्होंने पिछली सरकारों की असफलातों को गिनवाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार मुफ्त बिजली देगी, महिलाओं को फ्री बस राइड करवाएगी और विधवा पेंशन को भी हजार रुपये बढ़ा देगी. इस बारे में उन्होंने बताया कि सरकार आने पर 20 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां दी जाएंगी जिसमें से 40% महिलाओं को मिलेंगी. मैंने लड़कियों को स्कूटी देने की जो प्रतिज्ञा की है उससे पढ़ाई के लिए दूर जाने वाली लड़कियों को काफी सुविधा होगी. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने पर महिलाओं के लिए सरकारी बसों में यात्रा पूरी तरह मुक्त होगी. प्रदेश के हर जिले में हम 75 ऐसी पाठशाला बनाना चाहते जो केंद्रीय विद्यालय की तरह होंगे लेकिन सिर्फ महिलाओं के लिए होंगे.

प्रियंका के बड़े ऐलान

प्रियंका ने आगे कहा कि अगर किसी को भी बीमारी हो आपको कम से कम 10 लाख रुपये तक को मुफ्त इलाज दिया जाएगा. लड़कियों को स्मार्टफोन दिया जाएगा पढ़ने के लिए और सक्षम बनाने के लिए और इसके साथ साथ आप की सुरक्षा के लिए भी. विधवाओं को मिलने वाली पेंशन को एक हजार रुपये तक बढ़ाया जाएगा. आशा बहू और आंगनवाड़ी बहनों के लिए न्यूनतम दस हजार रुपये प्रति माह का मानदेय हम देना चाहते हैं. सरकारी पदों में जो पहले से आरक्षण के प्रावधान है उनके अंदर महिलाओं के लिए 40% होगा. मैं चाहती हूं कि आपके संघर्ष में मैं शामिल होकर और आप की आवाज में उठाऊं.

अब प्रियंका के इन ऐलानों को सुन वहां खड़ी महिलाएं भी उत्साहित नजर आईं. उन्होंने अभी के लिए प्रियंका के वादों पर भरोसा जता दिया है. अब ये वोटों में कितना तब्दील होता है, आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा.

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