यूपी के अंबेडकरनगर जिले की एक विधानसभा सीट है टाण्डा विधानसभा सीट. अंबेडकरनगर जिले का गठन साल 1995 में मायावती के नेतृत्व वाली यूपी सरकार ने किया था. इससे पहले अंबेडकरनगर, फैजाबाद जिले का भाग था. ये इलाका अकबरपुर संसदीय सीट के तहत आता था. अंबेडकरनगर जिले की उत्तरी सीमा पर स्थित इस विधानसभा क्षेत्र से होकर ही सरयू नदी बहती है. इस विधानसभा क्षेत्र में सबसे बड़ा कारोबार कपड़ा बुनाई का है. यहां हमेशा बिजली की समस्या बनी रहती है.
टाण्डा विधानसभा सीट की पहचान कपड़ा बुनाई को लेकर है. बड़ी संख्या में यहां बुनकर हैं. टाण्डा विधानसभा सीट के शहरी इलाकों में कपड़े के व्यवसाय बड़े पैमाने पर होते हैं. अनुमानों के मुताबिक यहां करीब एक लाख से भी अधिक पावर लूम लगे हैं. इस इलाके में सड़कें अच्छी हैं. बस्ती और आजमगढ़ को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे भी इसी इलाके से होकर गुजरता है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
टाण्डा विधानसभा सीट के राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो साल 1977 में जेएनपी के अब्दुल हफीज, 1980 में जेएनपी के गोपीनाथ वर्मा, 1985 में कांग्रेस के जयराम वर्मा, 1989 में जनता दल के टिकट पर गोपीनाथ वर्मा विधायक निर्वाचित हुए. 1991 में जनता दल के लालजी वर्मा, 1993 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मसूद अहमद, 1996, 2002 और 2007 में बसपा के लालजी वर्मा और 2012 में समाजवादी पार्टी (सपा) के अजीमुल हक पहलवान विधानसभा पहुंचे.
2017 का जनादेश
टाण्डा विधानसभा सीट से साल 2017 के चुनाव में पहली दफे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को जीत मिली. बीजेपी की संजू देवी विधायक चुनी गईं. बीजेपी की संजू ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के अजीमुल हक पहलवान को नजदीकी मुकाबले में 1725 वोट के अंतर से हरा दिया था. बीजेपी की संजू देवी को 74768 और सपा के अजीमुल हक को 73043 वोट मिले थे.
सामाजिक ताना-बाना
टाण्डा विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां हर जाति-धर्म के लोग रहते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में करीब सवा तीन लाख मतदाता हैं. ये विधानसभा सीट बुनकर बाहुल्य सीट है. इस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं और सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाते हैं. इस विधानसभआ क्षेत्र में दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी प्रभावशाली स्थिति में हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
टाण्डा विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी की संजू देवी का दावा है कि उनके कार्यकाल में सड़क से लेकर स्वास्थ्य तक, हर क्षेत्र में विकास के कार्य हुए हैं. संजू देवी के दावों को विपक्ष के नेता हवा-हवाई बताते हुए उन्हें हर मोर्चे पर फेल बता रहे हैं. विपक्षी नेताओं का दावा है कि इलाके की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं.
(रिपोर्ट- केके पांडेय)