यूपी की संगम नगरी प्रयागराज में एक विधानसभा सीट है सोरांव विधानसभा सीट. प्रयागराज जिले की सोरांव विधानसभा सीट सुरक्षित विधानसभा सीट है. सोरांव, प्रयागराज जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर है. सोरांव तहसील है और यहां विकासखंड भी है. सोरांव तहसील में चार विकासखंड आते हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
सोरांव विधानसभा सीट आजादी के बाद से कांग्रेस का गढ़ रही है. इस विधानसभा सीट से जनता पार्टी और जनता दल के उम्मीदवार भी जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं. इस सीट से 1985 में कांग्रेस और 1989 में जनता दल से भोला सिंह विधानसभा सदस्य निर्वाचित हुए. 1991 में भोला सिंह तीसरी दफे विधायक बने तो 1993 में इस सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के हीरामणि पटेल जीते.
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सोरांव विधानसभा सीट से 1996 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के रंग बहादुर पटेल जीते. 2002 और 2007 में बसपा के मोहम्मद मुज्तबा सिद्दीकी को सोरांव के मतदाताओं ने अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए विधानसभा में भेजा. साल 2008 के परिसीमन के बाद ये सीट आरक्षित हो गई. सोरांव सीट के आरक्षित होने के बाद साल 2012 में पहली दफे विधानसभा चुनाव हुए. सोरांव सुरक्षित सीट से सपा के सत्यवीर मुन्ना जीते.
2017 का जनादेश
सोरांव विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में बीजेपी और अपना दल (एस) गठबंधन की ओर से जमुना प्रसाद चुनाव मैदान में उतरे. अपना दल (एस) के जमुना प्रसाद के सामने बसपा ने गीता पासी को उम्मीदवार बनाया. चुनावी मुकाबले में अपना दल के जमुना ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा की गीता को 17 हजार से अधिक वोट के अंतर से हरा दिया था.
सामाजिक ताना-बाना
सोरांव विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां सबसे अधिक तादाद पासी मतदाताओं की है. अनुमानों के मुताबिक इस विधानसभा क्षेत्र में यादव, ब्राह्मण, मौर्य, पाल मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं. दलित बाहुल्य सोरांव सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में कुल करीब सवा तीन लाख मतदाता हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
सोरांव विधानसभा सीट से विधायक अपना दल के जमुना प्रसाद 50 साल के हैं. जमुना प्रसाद पेशे से अध्यापक रहे हैं. जमुना प्रसाद ने अपनी विधायक निधि का पूरा पैसा क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए खर्च कर दिया है. जमुना प्रसाद के दो बेटे हैं. जमुना प्रसाद का दावा है कि उनके कार्यकाल में इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है. दूसरी तरफ विपक्षी दलों के नेता विधायक के दावे को हवा-हवाई बता रहे हैं.