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Sikandra Assembly Seat: बसपा ने खेला ब्राह्मण कार्ड, अजीत पाल खिला पाएंगे कमल?

सिकंदरा विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में बीजेपी के मथुरा पाल विधायक निर्वाचित हुए थे. मथुरा पाल के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनके पुत्र अजीत पाल विधायक चुने गए. बीजेपी ने इस बार भी अजीत पर ही दांव लगाया है.

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यूपी Assembly Election 2022 सिकंदरा विधानसभा सीट
यूपी Assembly Election 2022 सिकंदरा विधानसभा सीट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कानपुर देहात जिले की सीट है सिकंदरा विधानसभा
  • सिकंदरा सीट से विधायक हैं बीजेपी के अजीत पाल

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले की एक विधानसभा सीट है सिकंदरा विधानसभा सीट. सिकंदरा विधानसभा सीट कानपुर देहात जिले की क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ी विधानसभा सीट है. सिकंदरा विधानसभा सीट, इटावा लोकसभा सीट के तहत आती है. इस विधानसभा क्षेत्र के कई गांव यमुना के किनारे बसे हैं जहां के लोगों को हर साल बाढ़ की विभीषिका से जूझना पड़ता है. ये विधानसभा क्षेत्र पड़ोसी जिले औरैया से भी सीमा साझा करता है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

सिकंदरा विधानसभा सीट का गठन साल 2008 के परिसीमन में हुआ था. इस विधानसभा सीट के लिए साल 2012 के विधानसभा चुनाव में पहली दफे वोट डाले गए. साल 2007 के चुनाव तक इस क्षेत्र के मतदाता राजपुर विधानसभा सीट से विधायक चुनने के लिए मतदान करते थे. साल 2012 से अब तक इस सीट के लिए तीन दफे चुनाव हुए हैं जिसमें एक उपचुनाव भी शामिल है.

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सिकंदरा विधानसभा सीट के लिए साल 2012 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में इस सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार को जीत मिली थी. बसपा के टिकट पर उतरे इंद्रपाल सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के देवेंद्र सिंह भोले को मात दे दी थी. बसपा के इंद्रपाल ने बीजेपी के देवेंद्र सिंह भोले को 2189 वोट से हरा दिया था.

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2017 का जनादेश

सिकंदरा विधानसभा सीट से साल 2017 के चुनाव में बसपा ने महेंद्र कटियार उर्फ बबलू को उम्मीदवार बनाया था. बीजेपी से मथुरा पाल प्रसाद और समाजवादी पार्टी (सपा) से सीमा सचान चुनाव मैदान में थीं. बीजेपी के मथुरा पाल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के महेंद्र कटियार को 38103 वोट से हरा दिया था. सपा की सीमा तीसरे स्थान पर रही थीं. महेंद्र कटियार के निधन से रिक्त हुई सीट पर बीजेपी ने उनके पुत्र अजीत पाल को टिकट दिया जो इस सीट से विधायक हैं.

सामाजिक ताना-बाना

सिकंदरा विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां करीब तीन लाख मतदाता हैं. इस विधानसभा सीट की गिनती ब्राह्मण मतदाताओं की बहुलता वाली सीट में की जाती है. अनुमानों के मुताबिक यहां करीब आधे मतदाता ब्राह्मण बिरादरी के हैं. अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी सिकंदरा विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

सिकंदरा विधानसभा सीट से विधायक अजीत पाल का दावा है कि उनके कार्यकाल में सड़क से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक, हर क्षेत्र में विकास कार्य हुए हैं. विपक्षी दलों के नेता विधायक के दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं. बीजेपी ने इस दफे भी अजीत पाल को उम्मीदवार बनाया है. बसपा ने ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए लालजी शुक्ला को उम्मीदवार घोषित किया है. सात चरणों में होने जा रहे यूपी चुनाव के तीसरे चरण में 20 फरवरी को सिकंदरा के मतदाता अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान करेंगे.

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