उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीएम योगी आदित्यनाथ को उनके घर यानी की गोरखपुर में चुनौती देने के लिए समाजवादी पार्टी किसी ब्राह्मण उम्मीदवार को चुनाव में उतार सकती है.
समाजवादी पार्टी मौजूदा यूपी सरकार से ब्राह्मणों की नाराजगी का फायदा उठाने के लिए योगी आदित्यनाथ के खिलाफ उनके गृह क्षेत्र गोरखपुर शहरी सीट से किसी ब्राह्मण नेता को प्रत्याशी बना सकती है.
विपक्ष का दावा है कि यहां ठाकुरों को प्राथमिकता दी जाती है जबकि ब्राह्मण सत्तारूढ़ योगी सरकार से नाराज हैं और इस समय मुख्यमंत्री के खिलाफ ब्राह्मण उम्मीदवार को खड़ा करना अखिलेश यादव का एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है.
गोरखपुर शहरी सीट, भगवा पार्टी का गढ़ होने के बावजूद, आजाद समाज पार्टी (एएसपी) के संस्थापक और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ चुनाव लड़ने के बाद पहले ही सुर्खियों में है.
समाजवादी पार्टी के सूत्रों के अनुसार, बीजेपी के राज्य उपाध्यक्ष रहे दिवंगत नेता उपेंद्र दत्त शुक्ल की पत्नी सुभावती शुक्ला को मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ लड़ने उम्मीदवार बना सकती है क्योंकि वह एक ब्राह्मण चेहरा हैं.
गौरतलब है कि सुभावती अपने दो बेटों के साथ गुरुवार की शाम सपा में शामिल हुई थीं. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सीएम योगी के खिलाफ गोरखपुर शहर से प्रत्याशी उतारने का संकेत दिया था.
अखिलेश यादव ने क्या कहा था?
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि इस सीट से लड़ने के लिए बहुत से उम्मीदवारों ने आवेदन किया था और एक ब्राह्मण परिवार भी आज मुझसे मिलने आया है. गौरतलब है कि उपेंद्र नाथ शुक्ल गोरखपुर में बीजेपी का जाना-माना ब्राह्मण चेहरा थे. हृदय गति रुकने से 60 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया था.
गोरखपुर शहरी सीट पर छठे चरण में 3 मार्च को मतदान होगा. भारतीय जनता पार्टी के राधा मोहन दास अग्रवाल वर्तमान में इस सीट से विधायक हैं. वो अब तक चार बार इस सीट से जीत दर्ज कर चुके हैं.
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