उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले की एक विधानसभा सीट है रसूलाबाद विधानसभा सीट. रसूलाबाद, कानपुर देहात जिले की अकबरपुर तहसील में पड़ता है और ये एक टाउन एरिया है. रसूलाबाद विधानसभा सीट के मतदाता संसदीय चुनाव में कन्नौज सीट के लिए मतदान करते हैं. ये विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
रसूलाबाद विधानसभा सीट साल 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी. इस विधानसभा सीट के मतदाता साल 2007 के विधानसभा चुनाव तक डेरापुर विधानसभा सीट से विधायक चुनने के लिए मतदान करते थे. रसूलाबाद विधानसभा सीट के लिए पहली दफे साल 2012 में चुनाव हुए थे. 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) के शिवकुमार बेरिया विधायक निर्वाचित हुए थे. सपा के शिवकुमार ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की निर्मला संखवार को 16 हजार वोट से अधिक के अंतर से हरा दिया था. शिवकुमार बेरिया सपा की सरकार में मंत्री भी रहे.
2017 का जनादेश
रसूलाबाद विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में सपा ने अरुण कुमारी कोरी को चुनाव मैदान में उतारा. चुनाव से पहले निर्मला संखवार बसपा छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गईं. बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरीं निर्मला ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अरुण कुमारी कोरी को 33 हजार वोट से अधिक के अंतर से हरा दिया था. बसपा की पूनम शंकर तीसरे स्थान पर रही थीं.
सामाजिक ताना-बाना
रसूलाबाद विधानसभा सीट के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो इस विधानसभा क्षेत्र में कुल करीब सवा तीन लाख मतदाता हैं. इस सीट की गिनती अनुसूचित जाति के मतदाताओं की बहुलता वाली सीटों में होती है. रसूलाबाद विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं के साथ ही ब्राह्मण और क्षत्रिय मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
रसूलाबाद विधानसभा सीट से विधायक निर्मला संखवार का दावा है कि उनके कार्यकाल में इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है. विपक्षी दलों के नेता विधायक के दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं. रसूलाबाद विधानसभा सीट के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है. गौरतलब है कि यूपी के विधानसभा चुनाव सात चरणों में होने वाले हैं और 20 फरवरी को तीसरे चरण के तहत वोट डाले जाएंगे.