उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के दक्षिणी-पश्चिमी कोने में है फूलपुर-पवई विधानसभा क्षेत्र. इस विधानसभा क्षेत्र की सीमा जौनपुर, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर जिले की सीमा से लगती है. यूपी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे इसी विधानसभा से आजमगढ़ जिले में प्रवेश करता है. इस विधानसभा क्षेत्र में आदर्श नगर पंचायत फूलपुर और आदर्श नगर पंचायत माहुल हैं. पूरा पवई ब्लाक, फूलपुर का अधिकांश भाग एवं अहरौला ब्लाक का आंशिक भाग इस विधानसभा क्षेत्र में आता है.
फूलपुर तहसील मुख्यालय से छह किलोमीटर उत्तर दुर्वासा धाम, अंबारी में राधाकृष्ण मंदिर और मकसुदिया में झारखंड महादेव मंदिर हैं. इस इलाके को लेखक और शायरों की धरती भी कहा जाता है. मशहूर शायर कैफी आजमी भी इसी इलाके के मिजवा गांव के हैं जिनकी बेटी मशहूर फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी हैं. क्षेत्रीय लोगों के लिए नकदी फसल के रूप में गन्ना और लाल मिर्च हैं. लाल मिर्च का निर्यात देश के साथ विदेशों तक होता है.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
फूलपुर पवई विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रामनरेश यादव भी इसी विधानसभा क्षेत्र के निवासी थे. फूलपुर पवई विधानसभा क्षेत्र का आंधीपुर गांव, रामनरेश यादव का पैतृक गांव है. आजमगढ़ के पूर्व सांसद रमाकांत यादव भी फूलपुर पवई विधानसभा सीट से चार बार विधायक रहे थे. रमाकांत यादव के पुत्र अरुण कांत यादव फूलपुर पवई विधानसभा सीट से विधायक हैं.
2017 का जनादेश
फूलपुर पवई विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पूर्व सांसद रमाकांत यादव के पुत्र अरुण कांत यादव को चुनाव मैदान में उतारा. बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे अरुण कांत यादव ने इस सीट पर कमल खिला दिया. अरुण कांत यादव दूसरी दफे विधानसभा पहुंचने में सफल रहे.
सामाजिक ताना-बाना
फूलपुर पवई विधानसभा सीट के सामाजिक ताना-बाना की बात करें तो यहां करीब सवा तीन लाख मतदाता हैं. जातिगत समीकरण देखें तो अन्य पिछड़ा वर्ग और दलित मतदाता भी इस विधानसभा क्षेत्र में अच्छी तादाद में है. यादव और हरिजन मतदाता फूलपुर पवई विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
फूलपुर पवई विधानसभा सीट से विधायक अरुण कांत यादव के पिता रमाकांत यादव सपा में शामिल हो चुके हैं. अरुण कांत यादव भी पहली बार सपा के टिकट पर ही विधानसभा पहुंचे थे. अरुण कांत यादव का दावा है कि उनके कार्यकाल में क्षेत्र का चहुंमुखी विकास हुआ है. भूखली में मिनी स्टेडियम, जर्जर बिजली के तार बदलवाने के साथ ही पानी, सड़क और शिक्षा समेत तमाम मदों में कार्य का दावा अरुण कांत यादव कर रहे हैं.