यूपी के मेरठ जिले की एक विधानसभा सीट है मेरठ कैंट विधानसभा सीट. इस विधानसभा सीट पर सात चरणों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान होना है. मेरठ कैंट विधानसभा सीट के मतदाता अपना विधायक चुनने के लिए 10 फरवरी को मतदान करेंगे. ये विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मजबूत गढ़ है. मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र में प्राचीन काली पलटन, औघड़नाथ मंदिर, आबूलेन बाजार, सदर बाजार आदि प्रमुख स्थल हैं.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
मेरठ कैंट विधानसभा सीट की राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो पिछले तीन दशक से इस सीट पर बीजेपी का कब्जा है. मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र बीजेपी के लिए हमेशा संजीवनी का काम करता रहा है. इस विधानसभा सीट से साल 2002 से ही बीजेपी के सत्य प्रकाश अग्रवाल विधायक हैं. सत्य प्रकाश लगातार चार बार से विधायक हैं.
मेरठ कैंट विधानसभा सीट के मतदाताओं के मिजाज की बात करें तो ये स्थिर है. यहां के मतदाताओं ने जिसका भी साथ दिया, कई साल तक दिया. 1974 से लेकर 1985 तक इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा रहा. कांग्रेस के अजीत सिंह सेठी इस सीट से विधायक रहे. कांग्रेस के बाद इस विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने 1989 में इस सीट से बीजेपी के उम्मीदवार को विजयी बनाया और तब से अब तक यानी 2017 तक इस विधानसभा सीट पर पार्टी का कब्जा बरकरार है.
मेरठ कैंट विधानसभा सीट से 1989 में बीजेपी के परमात्मा शरण मित्तल ने कांग्रेस के अजीत सेठी को बड़े अंतर से हराया था. 1993 और 1996 में बीजेपी के अमित अग्रवाल विधानसभा पहुंचे. साल 2002 के चुनाव में बीजेपी ने सत्य प्रकाश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया. सत्य प्रकाश अग्रवाल 2002 में पहली दफे विधानसभा पहुंचे और तब से अब तक वे इस सीट से विधायक हैं.
2017 का जनादेश
मेरठ कैंट विधानसभा सीट से 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने तीन बार के विधायक सत्य प्रकाश अग्रवाल पर भरोसा जताया. बीजेपी के सत्य प्रकाश के सामने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से सतेंद्र सोलंकी और कांग्रेस से रमेश धींगरा थे. राष्ट्रीय लोक दल ने संजीव धामा को चुनाव मैदान में उतारा था. बीजेपी के सत्य प्रकाश ने बसपा के सतेंद्र सोलंकी को 76 हजार वोट से अधिक के अंतर से हरा दिया था. कांग्रेस के रमेश तीसरे और आरएलडी संजीव चौथे स्थान पर रहे थे.
सामाजिक ताना-बाना
मेरठ कैंट विधानसभा सीट शहर की सीट है. मतदाताओं के लिहाज से ये विधानसभा सीट मेरठ की दूसरी सबसे बड़ी विधानसभा सीट है. इस विधानसभा क्षेत्र में हर जाति-वर्ग के मतदाता अच्छी संख्या में रहते हैं. हालांकि, मतदान पर जातिगत फैक्टर नहीं नजर आता. इस विधानसभा क्षेत्र के लोग पार्टी के नाम पर वोट करते रहे हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र में विकास का दावा बीजेपी के नेताओं की ओर से किया जा रहा है जबकि विपक्षी दलों के नेता समस्याओं को लेकर सत्ताधारी दल को घेरने में जुटे हैं. इस विधानसभा सीट से इस दफे बीजेपी ने अमित अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी के अमित के सामने समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल के गठबंधन ने मनीषा अहलावत, बहुजन समाज पार्टी ने अमित शर्मा, कांग्रेस ने अवनीश काजला को मैदान में उतारा है.