उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की एक विधानसभा सीट है जौनपुर विधानसभा सीट. जौनपुर विधानसभा सीट पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के जिला मुख्यालय की यानी सदर विधानसभा सीट. जौनपुर जिला वाराणसी के पड़ोस में स्थित है. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो इस शहर की स्थापना फिरोज शाह तुगलक ने अपने चचेरे भाई मोहम्मद बिन तुगलक की याद में की थी.
जौनपुर में गोमती नदी के किनारे स्थित शाही किला ऐतिहासिक विरासत को संजोए हुए है तो साथ ही अटाला मस्जिद, 1458 से 1478 के बनी जामा मस्जिद, 1450 के करीब निर्मित लाल दरवाजा मस्जिद भी हैं. लाल दरवाजा मस्जिद में पुराना मदरसा भी है जिसे लेकर कहा जाता है कि सासाराम के शासक शेर शाह सूरी ने यहीं से शिक्षा ग्रहण की थी.
राजनीतिक पृष्ठभूमि
जौनपुर विधानसभा सीट से 1977 में कांग्रेस के ओम प्रकाश, 1980 में कमला प्रसाद सिंह और 1985 में लोक दल के चंद्रसेन विधायक निर्वाचित हुए थे. 1989 में निर्दलीय अर्जुन सिंह यादव, 1991 में जनता दल के लालचंद, 1993 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मोहम्मद अरशद खान, 1996 में समाजवादी पार्टी (सपा) के अफजल अहमद, 2002 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सुरेंद्र प्रताप, 2007 में सपा के जावेद अंसारी और 2012 में कांग्रेस के नदीम जावेद विधायक निर्वाचित हुए थे.
2017 का जनादेश
जौनपुर विधानसभा सीट से साल 2017 में बीजेपी के उम्मीदवार को जीत मिली थी. 2017 के चुनाव में बीजेपी ने गिरीश चंद्र यादव को उम्मीदवार बनाया था. बीजेपी के गिरीश चंद्र यादव ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के नदीम जावेद को 12284 वोट से हरा दिया था. बसपा के दिनेश टंडन तीसरे और शेर बहादुर चौथे स्थान पर रहे थे.
सामाजिक ताना-बाना
जौनपुर विधानसभा क्षेत्र में साढ़े तीन लाख से अधिक मतदाता हैं. इस विधानसभा सीट की गिनती उन विधानसभा सीटों में होती है जहां मुस्लिम मतदाताओं की बहुलता है. जौनपुर विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में वैश्य और मौर्य मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र में राजपूत मतदाता भी अच्छी तादाद में हैं.
विधायक का रिपोर्ट कार्ड
जौनपुर सीट से विधायक गिरीश चंद्र यादव का दावा है कि उनके कार्यकाल में इलाके का चहुंमुखी विकास हुआ है. विपक्षी दलों के नेता विधायक के दावे को सिरे से खारिज कर रहे हैं. जौनपुर विधानसभा सीट के लिए यूपी चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में 7 मार्च को मतदान होना है. बता दें की सूबे में विधानसभा चुनाव सात चरणों में बहोने हैं.