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Gaura Assembly Seat: एक बार चली साइकिल, दूसरी बार खिला कमल... तीसरी बार क्या होगा?

गौरा विधानसभा सीट से साल 2012 में सपा के कुंवर आनंद सिंह जीते थे. 2017 के चुनाव में बाजी बीजेपी उम्मीदवार के हाथ लगी. बीजेपी के टिकट पर प्रभात कुमार 2017 में जीते थे.

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यूपी Assembly Election 2022 गौरा विधानसभा सीट यूपी Assembly Election 2022 गौरा विधानसभा सीट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गोंडा जिले की सीट है गौरा विधानसभा
  • बीजेपी के प्रभात कुमार हैं गौरा से विधायक

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की एक विधानसभा सीट है गौरा विधानसभा सीट. गौरा, उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले का एक कस्बा है. गोंडा जिले की कुल सात विधानसभा सीटों में से एक गौरा की सीट जिले की सियासत में महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस विधानसभा सीट के लिए सात चरणों में हो रहे यूपी चुनाव के पांचवे चरण में 27 फरवरी को मतदान होना है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरा विधानसभा सीट के चुनावी अतीत की बात करें तो ये सीट अधिक पुरानी नहीं है. इस विधानसभा सीट के लिए साल 2012 में पहली दफे विधानसभा चुनाव हुए थे. साल 2012 के चुनाव में इस सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार को जीत मिली थी. सपा के कुंवर आनंद सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के अब्दुल कलाम मलिक को 7095 वोट के अंतर से शिकस्त दी थी.

2017 का जनादेश

गौरा विधानसभा सीट से साल 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा ने राम प्रताप सिंह को उम्मीदवार बनाया था. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से प्रभात कुमार वर्मा, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से अब्दुल कलाम चुनाव मैदान में थे. बीजेपी के उम्मीदवार प्रभात कुमार वर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के राम प्रताप सिंह को 29855 वोट से हरा दिया था. बसपा के अब्दुल कलाम तीसरे और कांग्रेस के तरुणेंद्र चंद्र पटेल पांचवे स्थान पर रहे थे. 

सामाजिक ताना-बाना

गौरा विधानसभा क्षेत्र में कुल करीब तीन लाख मतदाता हैं. इस विधानसभा सीट की गिनती उन सीटों में होती है जहां अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाताओं की तादाद अधिक है. गौरा विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम निर्धारित करने में सामान्य वर्ग के मतदाताओं के साथ ही अनुसूचित जाति के मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

गौरा विधानसभा सीट से विधायक प्रभात कुमार का दावा है कि उनके कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के हर इलाके में विकास कार्य हुए हैं. विरोधी दलों के नेता समस्याओं को लेकर विधायक और बीजेपी को घेर रहे हैं. जनता किसके दावे पर भरोसा करती है, ये तो आने वाला समय ही बताएगा.

 

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