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Fatehabad Assembly Seat: कभी नहीं रहा किसी एक दल का वर्चस्व, 2017 में जीती थी बीजेपी

फतेहाबाद विधानसभा सीट से चार दफे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार विजयी रहे हैं. जनता दल तीन, सोशलिस्ट पार्टी दो, बहुजन समाज पार्टी और आरपीआई एक-एक दफे ये सीट जीतने में सफल रहे हैं.

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स्टोरी हाइलाइट्स
  • बीजेपी के जितेंद्र वर्मा हैं फतेहाबाद विधानसभा सीट से विधायक
  • फतेहाबाद सीट पांच दफे कांग्रेस, चार दफे जीती है बीजेपी

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की एक विधानसभा सीट है फतेहाबाद विधानसभा सीट. इस विधानसभा सीट पर कभी किसी एक राजनीतिक दल का वर्चस्व नहीं रहा है. इस विधानसभा सीट से कोई भी नेता जीत की हैट्रिक नहीं बना सका है. फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा यमुना और उटांगन नदी के किनारे बसा हुआ है.

यमुना और उटांगन नदी में बहते पानी की तरह चुनाव में मतदाताओं का मूड बदल जाता रहा है. आगरा की फतेहाबाद विधानसभा सीट से कांग्रेस को साल 1985 के बाद कभी जीत नहीं मिल सकी. हालांकि, एक पहलू ये भी है कि फतेहाबाद सीट से सबसे अधिक दफे जीतने का रिकॉर्ड भी कांग्रेस के ही नाम पर है. कांग्रेस के उम्मीदवार इस सीट से पांच दफे जीते हैं.

राजनीतिक पृष्ठभूमि

फतेहाबाद विधानसभा सीट से चार दफे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार विजयी रहे हैं. जनता दल तीन, सोशलिस्ट पार्टी दो, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और आरपीआई एक-एक दफे ये सीट जीतने में सफल रहे हैं. चुनावी अतीत की बात करें तो 1991 के चुनाव में जब राम मंदिर की लहर में बीजेपी ने आगरा की अधिकतर सीटों पर विजय पाई थी, पार्टी फतेहाबाद सीट हार गई थी.

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फतेहाबाद विधानसभा सीट से साल 1952 के चुनाव में कांग्रेस के इसरूल हक, 1957 में कांग्रेस के ही लक्ष्मी नारायण बंसल, 1962 में आरपीआई के बनवारी लाल विप्रा, 1967, 1969 और 1977 में हुकुम सिंह परिहार विधायक रहे. 1974 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र प्रसाद दौनेरिया, 1980 में कांग्रेस के महेश उपाध्याय, 1985 में कांग्रेस के अमिताभ लवानियां, 1989 में जनता दल के बहादुर सिंह, 1991 और 1996 में जनता दल के विजय पाल सिंह, 1993 और 2002 के चुनाव में बीजेपी और 2012 के चुनाव में बसपा के टिकट पर छोटे लाल वर्मा विधायक निर्वाचित हुए. 2007 में बीजेपी के डॉक्टर राजेंद्र सिंह फतेहाबाद सीट से विधानसभा पहुंचे.

2017 का जनादेश

फतेहाबाद विधानसभा सीट से 2017 के चुनाव में बीजेपी ने जितेंद्र वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया. बीजेपी के जितेंद्र ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा के राजेंद्र सिंह को 33 हजार से अधिक वोट के बड़े अंतर से हरा दिया था. बीजेपी के जितेंद्र को 1 लाख 1 हजार 960 वोट मिले थे जबकि सपा के राजेंद्र को 67 हजार 596 वोट. बसपा के उमेश शर्मा सेठिया तीसरे स्थान पर रहे थे.

सामाजिक ताना-बाना

फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक समीकरणों की बात करें तो यहां हर जाति-वर्ग के लोग रहते हैं. इस विधानसभा क्षेत्र के कई गांव नदी तटीय गांव हैं. इस इलाके में निषाद जाति के मतदाताओं की बहुलता है. ब्राह्मण और ठाकुर बिरादरी के मतदाता भी फतेहाबाद विधानसभा सीट का चुनाव परिणाम तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं. 

विधायक का रिपोर्ट कार्ड

फतेहाबाद विधानसभा सीट से विधायक बीजेपी के जितेंद्र वर्मा अपने कार्यकाल में विकास कार्य कराने के दावे करते हैं. बीजेपी नेताओं का दावा है कि 2017 के बाद इस विधानसभा क्षेत्र में काफी विकास कार्य हुए हैं. बीजेपी नेताओं के दावे को विपक्षी नेता खोखला बताते हुए दावा कर रहे हैं कि फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र की समस्याएं जस की तस हैं.

 

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